इस दीवाली पटाखे जलाने का रास्ता तब साफ हो गया है जब देश के कई शहरों सहित दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है. पटाखे जलाने को ले कर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला देते हुए कहा कि दीवाली के दौरान देश भर में पटाखों के उत्पादन और बिक्री पर रोक नहीं लगाई जाएगी.

दीवाली पर नहीं होंगे बैन

कोर्ट ने कहा कि दीवाली पर पटाखों को बैन नहीं किया जाएगा. साथ ही साथ SC ने यह भी कहा कि शाम 8 से 10 बजे के बीच ही पटाखे जलाएं. कोर्ट ने लोगों को यह भी सलाह दी कि कम वायु प्रदूषण फैलाने वाले पटाखे ही जलाएं.

फैसला सुरक्षित रखा था

इस मामले पर 28 अगस्त, 2018 को अपना फैसला सुरक्षित रखने वाली न्यायमूर्ति एके सीकरी और अशोक भूषण की पीठ ने आज यह फैसला सुनाया है. SC ने पहले कहा था कि प्रतिबंध से जुड़ी याचिका पर विचार करते समय पटाखा उत्पादकों के आजीविका के मौलिक अधिकार और देश के 1.3 अरब लोगों के स्वास्थ्य अधिकार समेत विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखना होगा.

बढ़ जाता है प्रदूषण

मालूम हो कि पटाखे जलाने से दिल्ली सहित देश के कई शहरों का प्रदूषण मास इंडैक्स खतरनाक स्तर पर जा पहुंचता है. कोर्ट ने हालांकि वायु और ध्वनि प्रदूषण के मानकों का खयाल रखा है पर ऐसा लगता नहीं कि लोग इन मानकों के आधार पर पटाखे जलाएंगे.

सावधानी हटी दुर्घटना घटी

देश में दीवाली के मौके पर सब से अधिक पटाखे जलाए जाते हैं. दिल्ली में पटाखे जलाने से हर साल लोगों को प्रदूषण की दोहरी मार झेलनी पड़ती है. एक तरफ वाहनों और अवैध कारखानों की वजह से तो दूसरी ओर पटाखे जलाने से दिल्ली की स्थिति खतरनाक लेवल पर जा पहुंचती है.

अब चूंकि इस पर एससी का निर्णय आ गया है इसलिए कोई कुछ भले ही इस के विरोध में न बोले पर पटाखे जलाते समय सावधानी बरतें और खासकर बच्चों को सावधानी बरतने की सलाह दें.

*पटाखे कम आवाज वाली जलाएं.

*बच्चे अपने अभिभावक के सामने पटाखे जलाएं.

*पटाखे जलाते समय उचित दूरी बनाए रखें.

*उचित मापदंड वाले पटाखे ही जलाएं.

*घर में फर्स्ट एड बौक्स जरूर रखें.

*जलने की स्थिति में तुरंत प्राथमिक उपचार लें और अस्पताल जाएं.

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