12 अप्रैल को प्रदर्शित होने वाली देश के दूसरे प्रधानमंत्री स्व.लाल बहादुर शास्त्री की रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मृत्यु पर बात करने वाली फिल्म ‘‘द ताश्कंद फाइल्स’’ के लेखक व निर्देशक विवेक अग्निहोत्री से इस फिल्म के सिलसिले में जब हमारी मुलाकात हुई, तो बात वेब सीरीज तक पहुंच गयी. इन दिनों वेब सीरीज काफी बन रही हैं. तो एक्सक्लूसिब बातचीत के दौरान वेब सीरीज की चर्चा चलने पर विवेक अग्निहोत्री ने कहा- ‘‘वेब सीरीज बहुत अच्छा माध्यम है. जिन कहानियों पर फिल्म नहीं बना सकते,  उन पर आप वेब सीरीज बना सकते हैं. वेब सीरीज के रूप में रवींद्रनाथ टैगोर का पूरा साहित्य आ सकता है. प्रेमचंद के साहित्य को वेब सीरीज में ला सकते हैं.रामायण, महाभारत, महाराणा प्रताप सब कुछ बन सकता है. मगर अफसोस की बात यह है कि अब तक हमारे देश में वेब सीरीज को सेक्स, गाली गलौज परोसने के लिए ही ज्यादा उपयोग किया जा रहा है. देश का दुर्भाग्य है कि सेंसर बोर्ड से बचने के लिए सारी गंदगी वेब सीरीज में परोस दो. यह पाप भी है. समाज को ऐसी चीज परोस रहे हैं, जिसकी जरुरत नहीं है.’’

Tags:
COMMENT