अगर आप किसी टेलीविजन कलाकार को सिर्फ इसलिए अपना आदर्श मानते हैं कि वह फलां सीरियल के फलां किरदार को मजबूती के साथ निभा कर दर्शकों को अपना दीवाना बना लेता है या लेती है तो आप कल्पना के सागर में गोते लगा रहे हैं क्योंकि अपने दमदार किरदार को निभाने वाले बहुत से कलाकार निजी जिंदगी में कभीकभार इतने कमजोर निकलते हैं कि वे अपनी समस्याओं का समाधान आत्महत्या जैसा कड़ा कदम उठा कर कर लेते हैं.

एक ऐसी ही दक्षिण भारतीय तेलुगु टेलीविजन हीरोइन नागा झांसी ने हैदराबाद के अपने घर पर फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. बुधवार, 6 फरवरी को 21 साल की इस खूबसूरत हीरोइन का शव श्रीनगर कौलोनी में बने उन के फ्लैट में पंखे से लटकता हुआ मिला.

यह एक दिल दहला देने वाली घटना थी और बहुत से लोगों को तो यकीन भी नहीं हुआ. दरअसल, जब नागा झांसी ने फांसी लगाईं तब वे घर पर अकेली थीं. जब उन के भाई दुर्गा प्रसाद ने दरवाजा खटखटाया तो भीतर से कोई आवाज नहीं आई और न ही कोई हलचल हुई.

इस बात से भाई परेशान हो गया और उस ने जल्दी से पड़ोसियों को वहां बुला लिया. पड़ोसी भी कोई आहट न पा कर थोड़ा चिंतित हो गए और उन्होंने दरवाजा तोड़ने का फैसला लिया. जिस बात का डर था वही हुआ. नागा झांसी आत्महत्या कर चुकी थी.

बाद में नागा झांसी के शव को गांधी अस्पताल ले जाया गया और इस मामले की जानकारी पुलिस को दी गई.

नागा झांसी ने टेलीविजन पर आने वाले सीरियल ‘पवित्र बंधन’ के अलावा कई दूसरे टीवी सीरियलों में भी काम किया था.

झांसी को जानने वालों की माने तो वे ऐक्टिंग के साथसाथ एक ब्यूटी पार्लर भी चलाती थीं. वे किसी लड़के से प्यार भी करती थीं जो उन के दूर का ही कोई रिश्तेदार बताया जाता है.

ऐसा भी सुनने में आया है कि शायद प्यार में मिले किसी धोखे से वे तनाव में जी रही थीं और यह कदम उठा बैठीं.

इसी तरह साल 2016 में हिंदी टेलीविजन सीरियल ‘बालिका वधू’ की आनंदी बनी प्रत्यूषा बनर्जी ने भी खुदखुशी कर के अपनी जीवनलीला को समाप्त कर लिया था. वे भी अपने घर पर पंखे से लटक कर झूल गई थीं. वे अपनी निजी जिंदगी में बहुत परेशान थीं और अपने बौयफ्रेंड राहुल राज सिंह के साथ रह रही थीं.

तब यह सुनने में आया था कि उन्हें ज्यादा काम नहीं मिल रहा था और राहुल राज सिंह के साथ भी उन की खटपट चल रही थी.

ऐसे और भी उदाहरण मिल जाएंगे जब किसी हीरोइन ने भरी जवानी में अपनी जान दे दी हो. पर इस की वजह क्या होती है?

दरअसल, चमकधमक से भरी यह इंडस्ट्री दूर से ही अच्छी लगती है. एक बार काम मिल जाने के बाद जमे रहना भी बड़ा मुश्किल होता है. अचानक ज्यादा पैसा मिलना भी बहुतों का दिमाग खराब कर देता है. जब काम नहीं मिलता तो रईसी की लत गलत राह पर चलने को मजबूर कर देती है या इंसान इतना तनाव में आ जाता है कि वह अपनी जान देना सब से आसान समझने लगता है.

कपिल शर्मा को ही लीजिए. अपने अनूठे हास्य से लोगों को हंसाने वाला यह इंसान अपनी कामयाबी को ही नहीं पचा पाया था. वह अपने साथी कलाकारों को कुछ भी नहीं समझता था. उसे लगता था कि उस का शो उसी के दम पर चल रहा है. कुछ हद तक ऐसा मान सकते हैं पर कपिल शर्मा ने साथी कलाकारों को नाराज कर के अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारी थी. नतीजतन, शो तो बंद हुआ ही वह खुद इस कदर तनाव में घिर गए कि इस इंडस्ट्री से ही बाहर हो गए.

पर शायद अपने अच्छे दोस्तों और आत्मविश्वास की बदौलत वह दोबारा लौट आए और अब उनका शो सही ट्रैक पर चल रहा है. पर हर किसी को दूसरा मौका नहीं मिलता है. मौत को गले लगाने के बाद तो बिलकुल भी नहीं.

Tags:
COMMENT