अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय सदस्य नितीश भारद्वाज इन दिनों फिल्म ‘‘मोहनजो दाड़ो’’ को लेकर चर्चा में हैं, जिसमें उन्होने दुर्जन नामक किसान का किरदार निभाया है. जो कि उनके भगवान श्रीकृष्ण के किरदार से काफी अलग है. तो दूसरी तरफ वह फिल्म उद्योग की समस्याओं को लेकर भी चिंतित हैं.

जब हाल ही में नितीश भारद्वाज से मुलाकात हुई तो हमने उनसे पूछा कि वह फिल्म उद्योग की समस्याओं को लेकर सरकार से कोई बात क्यों नहीं करते? तो नितीश भारद्वाज ने ‘‘सरिता’’ पत्रिका से कहा-‘‘कुछ विषय मेरे दिमाग में हैं, उनको लेकर मैं केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू से बात करने वाला हूं. मैं फिल्म सेंसर बोर्ड को लेकर भी चर्चा करने वाला हूं. मैं चाहता हूं कि ऐसी स्थिति बने, जिससे फिल्म इंडस्ट्री के साथ सेंसर बोर्ड का टकराव ना हो. पारदर्शिता रहे. पुराने नियमों को आज की बदली हुई परिस्थितियों के हिसाब से बदलना जरूरी है. फिल्मकार से यह कहना गलत है कि वह कौन सी या किस तरह की फिल्म बनाए. हम यह कह सकते हैं कि आपने यदि इस तरह की फिल्म बनायी, तो आपको यह प्रमाण पत्र मिलेगा. निर्माताओं के लिए जरूरी है कि वह सेंसर बोर्ड की गाइडलाइन्स पढ़ कर फिल्म बनाएं.’’

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