नेपोटिज्म पर छिड़ी बहस फिल्म इंडस्ट्री में थमने का नाम नहीं ले रही है. बौलीवुड में नेपोटिज्म के मुद्दे पर तब से चर्चा जोर पर है जब करन जौहर के शो ‘कौफी विद करन’ में कंगना रनौत ने शिरकत की. फिर कंगना के हाल में ही दिए एक इंटरव्यू के बाद इस मसले पर चर्चा और गरम हो गई है.

आए दिन हर कोई इस शांत पड़े मुद्दे को फिर से छेड़कर चला जाता है. इस विवाद में अब करीना कपूर भी कूद पड़ी हैं. करीना ने बेबाकी भरे अंदाज में कहा कि अगर इंडस्ट्री में रणबीर कपूर है तो रणवीर सिंह भी है और अगर आलिया भट्ट है तो कंगना रनौत भी है.

हाल ही में फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में बेबो ने नेपोटिज्म पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा, इस विषय पर जरूरत से ज्यादा चर्चा हो चुकी है. मेरे ख्याल से हर फील्ड में नेपोटिज्म है. लेकिन वहां कोई कुछ नहीं कहता. बिजनेस फैमिलीज में बेटा बिजनेस को टेकओवर करता है. एक नेता का बेटा उसकी जगह मंत्री बनता है. लेकिन वहां किसी को नेपोटिज्म नहीं दिखता, सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री में यह बहस हो रही है.

आज तक किसी भी स्टार किड ने अपने माता-पिता के बराबर मुकाम हासिल नहीं किया है. इसलिए मुझे समझ नहीं आता कि लोग क्यों इस मुद्दे को इतना तूल दे रहे हैं. फिल्म इंडस्ट्री में सिर्फ टैलेंट चलता है.

करीना कपूर ने कहा, अगर फिल्म जगत में रणबीर कपूर है तो रणवीर सिंह भी है जो कि इंडस्ट्री से नहीं हैं. इसलिए मैं इसे ओवररेटेड मानती हूं. यहां सिर्फ टैलेंट और मेहनत ही सफलता तक पहुंचाती है. कंगना फिल्म इंडस्ट्री से नहीं हैं और अपने टैलेंट के दम पर ही वह आज इस मुकाम पर हैं. अगर आलिया भट्ट है तो कंगना रनौत भी है. यह सिर्फ स्टार किड्स के बार में नहीं है.

दरअसल, नेपोटिज्म का विवाद कंगना रनौत से शुरू हुआ था. करण जौहर के टौक शो ‘काफी विद करण’ में कंगना रनौत ने उन्हें बौलीवुड का माफिया बताया था और कहा था कि करण नेपोटिज्म या भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देते हैं. इसके बाद आईफा 2017 के मंच पर करन जौहर ने सैफ अली खान और वरुण धवन के साथ मिलकर कंगना का मजाक उड़ाया था.

Tags:
COMMENT