मूलतया मध्य प्रदेश निवासी और ?यूनेस्को गांधी मैडल 2018  पुरस्कार विजेता व राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2018 के विजेता फिल्मकार प्रवीण मोरछले ने कैरियर की शुरुआत थिएटर से की थी. इस के बाद उन्होंने कई लघु फिल्में निर्देशित कीं. 2013 में बतौर लेखक व निर्देशक अपनी पहली फीचर फिल्म ‘बेयरफुट टू गोवा’ से उन्होंने इंटरनैशनल स्तर पर पर अपनी एक पहचान हासिल की. क्रिटिक्स ने उन्हें एक नई लहर के रूप में भारतीय सिनेमा के फिल्म निर्माता के रूप में देखा. वे अपने सरल, सूक्ष्म, काव्य सिनेमा के लिए जाने जाते हैं. उन की दूसरी फिल्म ‘वाकिंग विद द विंड’ को 2018 में 3 राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया. यह लद्दाखी भाषा की फिल्म थी.

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