Bhai Tera Star Movie: फिल्म की कहानी एक रात की है जिस में लंदन में स्ट्रगल कर रहे एक ऐक्टर अजय (राघव जुयाल) को पैसों की सख्त जरूरत पड़ गई है. अजय ने फैटी (संजय कपूर) नाम के एक पब मालिक से 10 हजार पाउंड उधार लिए हैं. फैटी पब चलाने के साथसाथ सट्टेबाजी का धंधा भी करता है. फैटी को आधी रात तक अपने पैसे वापस चाहिए. पैसे वसूलने के लिए फैटी अपने चमचे जेडी (विकल्प मेहता) को अजय के पीछे लगा देता है. इस के बाद शुरू होता है लंदन की सड़कों पर पैसे जुटाने का एक उबाऊ और बेतुका सिलसिला.
अजय के साथ फिल्म में कई और किरदारों की कहानियां भी साथ चल रही हैं, जो जबरदस्ती ठूंसे गए हैं. अजय की गर्लफ्रैंड रोशनी (निहारिका एनएम), उस की बहन नताशा (पार्वती ओमानकुट्टन), नताशा का पूर्व प्रेमी सिड (विवान भटेना) और सिड का दोस्त लैला (बरखा सिंह) भी इस अफरातफरी में कूद पड़ते हैं.
पैसों का जुगाड़ करने के लिए अजय अपनी बहन और गर्लफ्रैंड की झूठी प्रैग्नैंसी की कहानियां गढ़ता है, जिन्हें एबौर्शन करवाना है. ये सारे किरदार अलगअलग फ्रेम में आतेजाते हैं जो कन्फ्यूजन क्रिएट करते हैं. मगर यह कन्फ्यूजन निर्देशक विवेक अग्रवाल के दिमाग से निकली अजीबोगरीब सी खिचड़ी बन जाती है जो पचती ही नहीं. यहां तक कि फिल्म में अचानक से सनकी पुलिस और 12 साल का बच्चा भी आ जाता है.
बात करें स्टोरी की, तो फिल्म इस मामले में पौइंटलैस दिखाई देती है. इस का सिरा समझ नहीं आता कि कहां से शुरू है. लेखक को खुद नहीं पता था कि वे क्या बनाना चाहते हैं. सीन्स बिना किसी तुक के एकदूसरे से जुड़ते चले जाते हैं. फिल्म में एक सीन ऐसा है जहां जेडी को गोली लग जाती है, लेकिन अजीब बात यह है कि उस के शरीर से न तो खून निकलता है और न ही कपड़ों में कोई छेद होता है. थोड़ी देर बाद सभी किरदार उस गोलीबारी को पूरी तरह भूल भी जाते हैं.
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