भारत में सरकारी तंत्र और सरकार से जुड़े ब्यूरोके्रट्स अपने ही अंदाज में काम करते हैं. इनकी कार्यशैली को कोई बदल नहीं सकता. सरकारें आती जाती रहती हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में ‘‘भारतीय जनता पार्टी’’ के नेतृत्व में ‘एनडीए’ की सरकार बनी थी. और अब 2019 में भी पुनः वही सरकार शासन में आयी है. सरकारी काम काज में अमूल चूल परिवर्तन लाने के नाम पर केंद्र सरकार ने कई संस्थानों के अध्यक्ष, चेयरमैन व बोर्ड मेंबर अपने हिसाब से नियुक्त किए थे. मगर कहां क्या काम हुआ, उस पर नजर दौड़ाई जाए तो पता चलता है कि सब कुछ ढाक के तीन पात रहा.

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