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गलतियां इंसान से ही होती हैं और वही उन गलतियों को सुधारता भी है. अगर उसे गलतियों को सुधारने का मौका ही न दिया जाए तो खामियाजा गलती करने वाले को ही भुगतना पड़ता है. बैंक या फाइनैंस कंपनियों में लेनदेन से संबंधित गलतियां होती रहती हैं. समय रहते उन गलतियों को सुधार भी लिया जाता है और अगर सुधार न हो पाए तो खामियाजा गलती करने वाले को अथवा बैंक को भोगना पड़ता है. बात चूंकि पैसे से जुड़ी होती है, इसलिए इस का असर भी व्यापक होता है.

ऐसी गलतियां हमारे देश में ही नहीं, विदेशों में भी होती हैं. हाल ही में अमेरिका के पेंसिलवेनिया में एक अलग तरह का मामला  सामने आया. हुआ यह कि बैंक की गलती से पेंसिलवेनिया के मोंटूर्सविले में रहने वाले रौबर्ट और टिफनी विलियम्स के खाते में 86.29 लाख रुपए (1,20,000 डौलर) ट्रांसफर हो गए.

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मजे की बात यह कि खाताधारकों ने अपने खाते से निकाल कर 77 लाख रुपए (1,07,000 डौलर) खर्च भी कर दिए. बैंक ने जब दंपति को गड़बड़ी की सूचना दी तो उन्होंने पैसे नहीं लौटाए. मजबूरी में बैंक को कोर्ट जाना पड़ा.

लिकमिंग मजिस्ट्रैट जिला कोर्ट में इस दंपति के खिलाफ चोरी का केस चल रहा है. केस की पहली सुनवाई बीते 9 सितंबर को हुई. सुनवाई में पतिपत्नी ने स्वीकार किया कि जो पैसा उन के खाते में आया, वह उन का नहीं था. पर वे उस में से 90 प्रतिशत खर्च कर चुके हैं.

टिफनी ने बताया कि खाते में आए पैसे से उन लोगों ने एक एसयूवी कार, एक कैंपर, और एक कार ट्रेलर खरीद लिया है. बाकी पैसा अन्य चीजों के बिल चुकाने में खर्च हो गया. उन्होंने एक दोस्त को 15000 डौलर उधार भी दिए.

टिफनी ने यह भी बताया कि जब बैंक ने उन्हें गड़बड़ी की बात बताई तो वे बैंक से रिपेमेंट एग्रीमेंट साइन करने को तैयार हो गईं. लेकिन बैंक ने उन से दोबारा संपर्क नहीं किया. पतिपत्नी ने कहा कि वे अभी पैसा लौटाने की स्थिति में नहीं हैं.

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