तनुश्री दत्ता ने 10 साल पुराने मामले का खुलासा करते हुए दिग्गज कलाकार नाना पाटेकर पर बदसलूकी और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. यह बौलीवुड में ‘मी टू मूवमेंट’ की शुरुआत मानी जा रही है. फिल्म के ट्रेलर लांच पर संवाददाताओं ने अमिताभ और सुपरस्टार आमिर खान से इस खबर पर अपने विचार साझा करने के लिए कहा. तनुश्री विवाद मामले में अमिताभ ने कहा, “ना तो मेरा नाम तनुश्री है, ना ही नाना पाटेकर, कैसे उत्तर दूं इस सवाल का?” दूसरी तरफ, “आमिर ने कहा, सच या किसी जानकारी के बिना, मुझे नहीं लगता कि मैं टिप्पणी कर सकता हूं. यह मेरे लिए सही नहीं है. लेकिन मैं यह कहना चाहूंगा कि जब भी ऐसा कुछ हुआ है, तो यह दुखद है. अब अगर ऐसा हुआ है या नहीं, जांच करानी चाहिए.

वहीं इस आरोप को गलत बतलाते हुए नाना पाटेकर का कहना है कि “यौन उत्पीड़न से आपका क्या मतलब है? उस समय सेट पर मेरे साथ 50-100 लोग मौजूद थे. मैं देखूंगा कि इस पर क्या कानूनी कार्यवाही हो सकती है. लोग कुछ भी कह सकते हैं. मैं अपना काम करना जारी रखूंगा.”

बता दें कि वर्ष 2008 में ही नाना के खिलाफ आवाज उठा चुकीं तनुश्री ने हाल ही में दिए एक साक्षात्कार में एक बार फिर यौन उत्पीड़न का मुद्दा उठाया. उन्होंने फिल्म ‘हौर्न ओके प्लीज’ के सेट पर यौन उत्पीड़न का खुलासा किया था. तनुश्री ने कहा, “राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता होने के नाते नाना के रुतबे की वजह से मेरी आवाज दबा दी गई.” उन्होंने कहा, “हमारे देश में अभिनेत्री को ज्यादातर उनकी औन-स्क्रीन छवि से पहचाना जाता है.

यह मेरे लिए अलग नहीं था, क्योंकि मैंने बौलीवुड में ‘आशिक बनाया आपने’ जैसी फिल्म के साथ शुरुआत की थी, जिसके लिए मुझे बोल्ड सीन करने थे. चूंकि वह लोकप्रिय और सम्मानित हस्ती होने के साथ दिग्गज राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हैं, इसलिए मेरी आवाज को दबाना सबसे आसान काम था. इस वजह से वह ऐसा कर पाएं.” तनुश्री ने एक सांस में कहा, “लेकिन, एक राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने से वह एक अच्छा इंसान नहीं बन जाते.”

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