Irregular Periods: पीरियड्स अनियमित हो गए हैं और वजन भी बढ़ रहा है. मेरी उम्र 31 वर्ष है, एक कंपनी में कार्यरत हूं. पहले मेरे पीरियड्स लगभग नियमित रहते थे, लेकिन पिछले एक साल से कभी बहुत जल्दी और कभी 2 महीने बाद आते हैं. मेरा वजन भी करीब 7 किलो बढ़ गया है. चेहरे पर मुंहासे बढ़ गए हैं और बाल भी पहले से ज्यादा झड़ रहे हैं. इंटरनैट पर पढ़ने के बाद मुझे डर लग रहा है कि कहीं पीसीओएस तो नहीं है?
ANS. अनियमित पीरियड्स, वजन में बदलाव, मुंहासे और बालों से जुड़े बदलाव कई कारणों से हो सकते हैं और केवल इन लक्षणों से पीसीओएस का निदान नहीं किया जा सकता. हार्मोनल बदलाव, थायरौयड की समस्या, वजन में परिवर्तन, तनाव और अन्य चिकित्सकीय कारण भी भूमिका निभा सकते हैं. इसलिए स्वयं निदान करने के बजाय स्त्रीरोग विशेषज्ञ से मिलना बेहतर रहेगा. डाक्टर आप की मैडिकल हिस्ट्री, मासिकचक्र और अन्य लक्षणों के आधार पर तय करेंगे कि किन जांचों की आवश्यकता है.
घर की सारी जिम्मेदारियां मुझ पर, पति कहते हैं घर संभालना तुम्हारा काम है
घर की सारी जिम्मेदारियां मेरे ऊपर हैं. मेरे पति 42 साल के हैं, निजी कंपनी में नौकरी करते हैं. हमारे 2 बच्चे हैं, जिन की उम्र 12 और 8 साल है. घर का पूरा काम, बच्चों की पढ़ाई, स्कूल की तैयारी, राशन, बिजलीपानी के बिल, मेहमानों की देखभाल और घर के छोटेबड़े काम लगभग सभी मेरे जिम्मे हैं. सुबह से रात तक काम करने के बावजूद जब कभी मैं थक कर पति से मदद मांगती हूं तो उन का जवाब होता है कि वह पूरे दिन औफिस में मेहनत करते हैं और घर संभालना तो मेरी जिम्मेदारी है. बच्चों को भी लगता है कि मां तो घर पर ही रहती हैं, इसलिए उन के हर काम के लिए मैं ही उपलब्ध रहूंगी. पिछले कुछ समय से मुझे लगने लगा है कि घर चलाने की मेरी मेहनत को कोई काम ही नहीं मानता. मैं चाहती हूं कि परिवार मेरी परेशानी समझे, लेकिन हर बार बात बहस में बदल जाती है. मैं घर को भी ठीक से संभालना चाहती हूं और खुद को भी लगातार थकाना नहीं चाहती. मुझे क्या करना चाहिए?
ANS. आप की समस्या केवल घर के काम की अधिकता की नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों के असमान बंटवारे और घर के काम को स्वाभाविक जिम्मेदारी मान लेने की है. घर संभालना भी एक काम है, जिस में समय, योजना, ऊर्जा और लगातार मानसिक ध्यान लगता है. सब से पहले आप को परिवार के सामने शिकायतों की लंबी सूची रखने के बजाय घर की वास्तविक जिम्मेदारियों को बातचीत का विषय बनाना चाहिए. पति और बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि घर केवल एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवार के सभी सदस्यों की साझा जगह है. बच्चों की उम्र के अनुसार उन्हें अपने छोटेछोटे काम खुद करने की आदत डाली जा सकती है, जैसे अपनी किताबें व्यवस्थित करना, स्कूलबैग तैयार करना या अपने कमरे की चीजें सही जगह रखना. पति भी सप्ताह के कुछ निश्चित काम अपने जिम्मे ले सकते हैं, ताकि मदद मांगना रोज का विवाद न बने.
सब से महत्त्वपूर्ण बात यह है कि आप को सबकुछ बिलकुल परफैक्ट करने का दबाव अपने ऊपर नहीं रखना चाहिए. हर दिन घर चमकता रहे, हर भोजन बिलकुल समय पर बने और हर सदस्य की हर जरूरत तुरंत पूरी हो- यह वास्तविक जीवन में हमेशा संभव नहीं होता. घर व्यवस्थित रखने का अर्थ यह नहीं कि गृहिणी को दिनरात काम करते रहना चाहिए. सप्ताह में एक दिन बैठ कर अगले कुछ दिनों के भोजन, जरूरी खरीदारी और परिवार के महत्त्वपूर्ण कामों की योजना बना लेना भी काफी समय बचा सकता है. इसी तरह घर के कामों को प्राथमिकता के आधार पर बांटना उपयोगी होगा. जो काम आज जरूरी है उसे आज करें और जो काम एकदो दिन बाद भी हो सकता है, उसे ले कर खुद को तनाव न दें. Irregular Periods




