Fake DSP: पंजाब पुलिस का फरजी डीएसपी बन कर लोगों पर रौब जमाने, पुलिस की वरदी पहन कर सामाजिक और खेल आयोजनों में शामिल होने तथा अपनी कथित फरजी पहचान का इस्तेमाल  करने के आरोपों में घिरे करणवीर शर्मा को खन्ना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी लंबे समय से वर्ष 2020 में दर्ज एक आपराधिक मामले में अदालत की काररवाई से अनुपस्थित चल रहा था, जिस के कारण उसे भगोड़ा घोषित करार दिया गया था.

पुलिस के अनुसार, करणवीर शर्मा कद्दू गांव का निवासी बताया गया है. उसके खिलाफ वर्ष 2020 में खन्ना के थाना सिटी-2 में दुष्कर्म से संबंधित मामला दर्ज किया गया था. लंबे समय तक अदालत में पेश न होने के कारण उसके खिलाफ काररवाई की गई और उस की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष प्रयास किए.

आरोपी पर पंजाब पुलिस के डीएसपी के रूप में खुद को पेश करने का भी आरोप है. उस की कुछ तस्वीरों और वीडियो में वह पुलिस की डीएसपी वरदी पहने दिखाई देता है. बताया जाता है कि वह कथित तौर पर पुलिस अधिकारी की पहचान का लाभ उठाकर विभिन्न कबड्डी प्रतियोगिताओं, खेल टूर्नामेंटों और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होता था. कुछ आयोजनों में उस ने मुख्य अतिथि के रूप में भी हिस्सा लिया था. इस तरह वरदी और पुलिस अधिकारी जैसी पहचान का इस्तेमाल कर के वह लोगों के बीच अपना प्रभाव स्थापित करता था.

पुलिस जांच में यह आरोप भी सामने आया कि उस ने अपनी कथित फरजी पहचान के जरिए कई युवतियों से संपर्क किया था. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही हो सकेगी.

करणवीर शर्मा का नाम वर्ष 2024 में जम्मूकश्मीर के श्रीनगर में भी एक मामले में सामने आया था. जानकारी के मुताबिक, श्रीनगर पुलिस ने उसे और उसके साथ मौजूद एक अन्य युवक को नेहरू पार्क क्षेत्र में पुलिस की वरदी पहनकर घूमते हुए पकड़ा था. पुलिस को उन की गतिविधियों पर संदेह हुआ. पहचान और दस्तावेजों की जांच के दौरान उन के पुलिस अधिकारी होने को ले कर संदेह पैदा हुआ और आगे की जांच में करणवीर के कथित फरजी डीएसपी होने की बात सामने आई. इस मामले में उसके साथ मौजूद युवक के खिलाफ भी काररवाई की गई थी.

इस के अलावा, करणवीर के खिलाफ दोराहा थाना क्षेत्र में भी एक मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई है. आरोप है कि उस ने अपने खिलाफ धमकी मिलने की कथित साजिश रच कर पुलिस सुरक्षा और एक गनमैन हासिल करने का प्रयास किया था. पुलिस ने इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की थी.

खन्ना के डीएसपी विनोद कुमार ने बताया कि वर्ष 2020 में दर्ज मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराएं 370 और 376 लगाई गई थीं. एसएसपी के दिशा-निर्देशों पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई थी. टीम का नेतृत्व एसएचओ तरनवीर बेदी कर रहे थे. तकनीकी सहायता और अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की मदद से टीम ने काररवाई करते हुए करणवीर शर्मा को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया.

पुलिस अब आरोपी के पुराने मामलों, फरजी पुलिस अधिकारी बन कर विभिन्न आयोजनों में शामिल होने और अन्य कथित गतिविधियों की जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी काररवाई की जाएगी. पुलिस अधिकारी की वरदी और पद का दुरुपयोग लोगों के विश्वास के साथ खिलवाड़ है. यह सब किस तरह और कैसे किया? Fake DSP

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