Nai Naveli Film Story: फैस्टिव सीजन में दर्शकों की जेब काटने और उन के सब्र का इम्तिहान लेने के लिए बौलीवुड हर साल कुछ न कुछ बेतुका कंटैंट परोसता ही है. निर्देशक बालाजी मोहन की रिलीज फिल्म 'नई नवेली' का कंटैंट कुछ ऐसा ही है. दशहरादीवाली के मौके पर यह फिल्म न सिर्फ दर्शकों के पैसे पानी में बहाती है, बल्कि ढाई घंटे का टौर्चर भी देती है. यह समझ से बाहर भी है कि हर हौरर फिल्म में मायथोलौजी घुसाना जरूरी है क्या?

कहानी मेरठ के एक अतरंगी अवस्थी परिवार के इर्दगिर्द घूमती है. शादी के माहौल के बीच घर का छोटा बेटा बंटू (अनुराग ठाकुर) पूरी फैमिली को इकट्ठा कर के एक इमरजैंसी मीटिंग बुलाता है. उस का मकसद अपने बड़े भाई राजा (आदिनाथ एम कोठारे) की नई नवेली पत्नी मोहिनी (यामी गौतम धर) को 'डायन' साबित करना है.

बंटू का दावा है कि जब से यह औरत इस घर में आई है, अजीबअजीब घटनाएं घट रही हैं. बड़ा भाई राजा अपनी पत्नी के प्यार में अंधा है और इस बात को मानने को वह तैयार नहीं होता. छोटा भाई एकएक कर मोहिनी यानी अपनी भाभी के डायन होने के सुबूत पेश कर रहा होता है. हां, फिल्म थोड़ीबहुत एंटरटेन करती है मगर हैरानी यह कि फिल्म का पहला हाफ पूरी तरह से मेरठ के एक मकान में बैठ कर एकदूसरे पर चिल्लाने, शक करने में निकल जाता है. शुरुआत में लगता है कि शायद यह फिल्म 'स्त्री' जैसी कोई टाइमपास हौरर-कौमेडी बनेगी लेकिन इंटरवल के बाद जैसे ही फिल्म मायथोलौजी के रास्ते पर मुड़ती है, बचकानी लगने लगती है.

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

डिजिटल

(1 साल)
USD99USD49
 
सब्सक्राइब करें

सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं

  • सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
  • देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
  • 7000 से ज्यादा कहानियां
  • समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
 

डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन

(1 साल)
USD150USD129
 
सब्सक्राइब करें

सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं

  • सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
  • देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
  • 7000 से ज्यादा कहानियां
  • समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
  • 24 प्रिंट मैगजीन
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...