Imran Khan: बॉलीवुड एक्टर इमरान खान, जो आमिर खान के भांजे हैं और अमेरिकी नागरिक हैं. 10 अक्टूबर को वो मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में सीजेपी प्रोटेस्ट में शामिल हुए थे. पुलिस ने उस दिन करीब 400 लोगों को हिरासत में लिया था, जिसमें इमरान खान, उनकी पार्टनर लेखा वॉशिंगटन और परिवार के कुछ लोग भी शामिल थे. अब उन्हें देश छोड़ने का नोटिस थमा दिया गया है. सवाल यह है कि क्या इमरान खान ने प्रोटेस्ट में जाकर भारत के कानून को तोड़ा था? या यह सिर्फ बीजेपी की बदले की राजनीति है?
इमरान खान के प्रोटेस्ट में शामिल होने के पांच दिन बाद बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने गामदेवी पुलिस स्टेशन में शिकायत की कि इमरान खान अमेरिकी नागरिक है और उसने फॉरेनर्स एक्ट का उल्लंघन किया है क्योंकि विदेशी नागरिक भारत में राजनीतिक प्रदर्शन में हिस्सा नहीं ले सकते. शिकायत FRRO यानी फॉरनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस को भेजी गई और FRRO ने 14 अक्टूबर को इमरान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस दे दिया. पुलिस ने कहा है कि ये कार्रवाई इमाइग्रेशन एंड फॉरनर्स एक्ट, 2025 की धारा 7 और 29 के तहत हुई है. फिलहाल तो इमरान फिलहाल बांद्रा के पाली हिल में अपने नाना नासिर हुसैन के बंगले में रह रहे हैं.
भारत में OCI कार्ड का मतलब दोहरी नागरिकता नहीं है. 2005 में शुरू हुई OCI योजना के तहत विदेशी नागरिक जो भारतीय मूल के हैं उन्हें आजीवन वीजा, भारत में रहने और काम करने का अधिकार मिलता है लेकिन वह भारतीय नागरिक नहीं बनते, वो वोट नहीं दे सकते और चुनाव नहीं लड़ सकते. ओसीआई धारक भारतीय कानून के तहत विदेशी ही रहते हैं. संविधान का अनुच्छेद 19 जो बोलने की आजादी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आजादी देता है वो सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही यह राइट्स देता है, विदेशियों को नहीं. इस आधार पर सरकार कहती है कि विदेशी नागरिकों को राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेने से पहले इजाजत लेनी चाहिए. अगर वो बिना इजाजत हिस्सा लेते हैं तो यह वीजा शर्तों का उल्लंघन है. धारा 7D के तहत ऐसे लोगों का OCI रद्द भी हो सकता है और धारा 7 और 29 के तहत उन्हें लीव इंडिया नोटिस दिया जा सकता है.
लेकिन इस कानून में भी एक पेंच है. OCI नियमों में कहीं भी साफ तौर पर यह नहीं लिखा है कि OCI कार्ड धारक को किसी पब्लिक प्रोटेस्ट में जाने के लिए पहले से परमिशन लेनी होगी. कानून में सिर्फ ये लिखा है कि विदेशी नागरिक भारत की संप्रभुता और सुरक्षा के खिलाफ गतिविधि नहीं कर सकते. अब सवाल यह है कि क्या चुनाव आयुक्त के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन देश की संप्रभुता के खिलाफ है?
दूसरी बात, FRRO का नोटिस किसी कोर्ट का फैसला नहीं है, ये एक प्रशासनिक आदेश है और इसे हाईकोर्ट में चैलेंज किया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही कई बार कह चुका है कि सिर्फ शिकायत के आधार पर किसी को देश से निकालना प्रपोर्शनल नहीं है, यहां भी नेचुरल जस्टिस का पालन होना चाहिए और सुनवाई होनी चाहिए.
सवाल यह है कि इमरान खान को नोटिस दिया गया लेकिन क्या उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया? पुलिस खुद कह रही है कि उनपर अभी चार्ज नहीं लगा है. तो फिर बिना चार्ज, बिना ट्रायल के उन्हें सीधे देश छोड़ने का नोटिस कैसे दे दिया गया? अगर यही कानून है तो फिर अमेरिका की सिंगर मैरी मिलबेन जो खुलेआम बीजेपी के समर्थन में गाना गाती है, प्रचार करती है, उस पर ये कानून क्यों नहीं लगता? CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने इसी सवाल को उठाया है कि मैरी मिलबेन अमेरिकी हो कर बीजेपी के पक्ष में बोल सकती है लेकिन इमरान OCI हो कर बीजेपी के खिलाफ नहीं बोल सकता, ये कैसा दोहरा मापदंड है?
असल में तो यह पूरा मामला कानून का नहीं, डराने का है. बीजेपी की राजनीति पिछले 10 साल से एक ही पैटर्न पर चल रही है, जो भी सरकार के खिलाफ बोलता है उसे देशद्रोही, विदेशी, टुकड़े-टुकड़े गैंग बता दिया जाता है. इमरान खान कोई पाकिस्तान का इमरान खान नहीं है, वो मुंबई में पैदा हुआ, पला-बढ़ा एक्टर है, जिसने बॉलीवुड की कई फिल्में की हैं. गुनाह सिर्फ इतना है कि वो अगस्त क्रांति मैदान में चला गया जहां लोग चुनाव आयोग से सवाल पूछ रहे थे. अगस्त क्रांति मैदान वही जगह है जहां से 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ था और आज उसी मैदान में शामिल होने के कारण किसी व्यक्ति को भारत छोड़ो का नोटिस दिया जा रहा है, ये कितना बड़ा मजाक है?
किरीट सोमैया का रोल समझिए. सोमैया वही नेता हैं जिनका काम ही शिकायत करना है. उन्होंने पुलिस, FRRO, एयरपोर्ट अथॉरिटी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक को चिट्ठी लिखी कि इमरान को देश से बाहर निकालो. मतलब एक एक्टर के एक प्रदर्शन में जाने से पूरी सरकार हिल गई. सवाल ये है कि क्या बीजेपी को चुनाव आयुक्त से इतना प्यार है कि उसके खिलाफ प्रदर्शन करने वाले को देश से निकालना पड़े? या फिर बीजेपी को डर है कि अगर बॉलीवुड के लोग भी वोटर लिस्ट के मुद्दे पर बोलने लगे तो SIR का खेल खुल जाएगा?
यह वही बीजेपी है जो कहती है कि हम OCI कार्ड धारकों को भारत से जोड़ रहे हैं और यही बीजेपी है जो प्रवासी भारतीय दिवस मनाती है लेकिन जैसे ही OCI वाला सरकार से सवाल पूछता है तो उसे अमेरिकी नागरिक बता कर देश से निकल जाने का फरमान जारी कर देती है. मकसद इमरान को सजा देना नहीं, बाकी लोगों को मैसेज देना है कि अगर तुम भी प्रोटेस्ट में गए तो तुम्हारा भी वीजा, तुम्हारी भी नौकरी और तुम्हारा भी घर खतरे में आ जाएगा. असल में तो यह कानून का इस्तेमाल नहीं, कानून का दुरुपयोग है और संविधान के अनुच्छेद 21 जो भारत में रहने वाले सभी व्यक्तियों को, सिर्फ नागरिकों को नहीं, जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार देता है, उसका सीधा उल्लंघन भी है. Imran Khan




