Ranabaali Movie: वक्त तेजी से बदल रहा है.पर बौलीवुड में बदलाव नही आ रहा.जबकि भारत का क्षेत्रीय सिनेमा हौलीवुड को अपनी तरफ खींच रहा है. कुछ दिन पले विजय सेतुपति की तेलुगु फिल्म ‘‘महाराजा’’ के हौलीवुड रीमेक की खबर आयी थी और अब 16 अक्टूबर को रिलीज हो रही विजय देवरकोंडा तथा रष्मिका मंदाना की फिल्म ‘‘रणबाली’’ में हौलीवुड फिल्मों ‘‘द मम्मी’’ और ‘‘द मम्मी रिर्टन’’ के इंटरनेषनली चर्चित कलाकार अरनोल्ड वास्लू मुख्य खलनायक के किरदार में नजर आने वाले हैं.
1999 में रिलीज फिल्म ‘‘द मम्मी’’ में अरनोल्ड वास्लू ने इम्होटेप का किरदार निभाया था. अब यही अभिनेता भारतीय फिल्म ‘रणबाली’ में सर थियोडोर हेक्टर नाम के एक ब्रिटिश अधिकारी और मुख्य प्रतिपक्षी का किरदार निभा रहे हैं. यानी इस बार वॉस्लू किसी मिस्र के प्राचीन पुजारी के रूप में नहीं, बल्कि भारत के औपनिवेशिक इतिहास की पृष्ठभूमि में रचे गए एक किरदार में नजर आएंगे. अर्नाेल्ड वॉस्लू दक्षिण अफ्रीका में जन्मे अभिनेता हैं, जिन्हें हॉलीवुड फिल्मों से अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली.
राहुल सांकृत्यायन निर्देषित फिल्म ‘रणबाली’ ब्रिटिश शासन के दौर की पृष्ठभूमि पर बनी पीरियड ड्रामा फिल्म है.विजय देवरकोंडा रणबाली की भूमिका में हैं, जबकि रश्मिका मंदाना उनकी पत्नी जयम्मा के किरदार में दिखाई देंगी. फिल्म की कहानी 1876 से 1878 के मद्रास अकाल और उस दौर में ब्रिटिश शासन की नीतियों से जुड़ी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से प्रेरित है. निर्देशक ने फिल्म को वैकल्पिक इतिहास और कल्पना के मेल के रूप में पेश किया है.
यानी यह फिल्म ऐतिहासिक घटनाओं से प्रेरित सिनेमाई कृति है. कहानी में एक ऐसे व्यक्ति के संघर्ष को दिखाने की कोशिश की गई है, जो अपनी जनता के लिए खड़ा होता है और अन्याय के खिलाफ लड़ता है. और इसी संघर्ष के सामने खड़े होने वाले अहम किरदारों में से एक हैं अर्नाेल्ड वॉस्लू का किरदार सर थियोडोर हेक्टर.
तो क्या सिनेमा की दुनिया में अब समीकरण बदल रहे हैं?
क्या भारत सिर्फ फिल्मों का बड़ा बाजार नहीं, बल्कि दुनिया भर के कलाकारों के लिए एक आकर्षण का केद्र बनता जा रहा है.खासकर दक्षिण भारत का सिनेमा…?? Ranabaali Movie




