Viral Instagram Reel: आजकल इंस्टाग्राम रील खोलिए तो लगता है जैसे इंटरनैट का ‘दिमागी संतुलन’ थोड़ा डगमगा गया है. लोग कितने पागल हो चुके हैं 15 से 30 सैकंड की रील्स के इस दौर में ट्रैंड के नाम पर बिना सिरपैर और बिना दिमाग लगाए कुछ भी कर रहे हैं, निहायत ही खलिहर लोग सोशल मीडिया पर क्या कर रहे हैं यह वे खुद नहीं समझ पा रहे हैं. ऐसे ही एक क्रिएटर हैं Devendra Kumar Singh जो bangru raja नाम से फेमस हैं. सोशल मीडिया पर उन के 1.1 मिलियन फौलोअर्स हैं. अब जरा उन के उस कंटैंट पर नजर डालिए जिसे देख कर इंटरनैट की जनता निहाल हो रही है.

एक वीडियो में वे कैमरे के सामने आते हैं और अजीब सी हंसी के साथ बोलते हैं: “हिहिहिहि हेलो सेलुलुलु हिहिहिहि रिया ए रिया, मैं तुम को दिखाता पूरा एरिया हिहिहि” न कोई तुक, न कोई बात, न कोई क्रिएटिविटी. लेकिन इस वीडियो पर व्यूज कितने हैं? पूरे 113 मिलियन. 4.5 मिलियन से ज्यादा लोगों ने इसे शेयर भी कर दिया है.

अपने दूसरे वीडियो में वे एक नाव में बैठे हैं, कहते हैं, “हिहिहिहिहि हेलो सेलुलुलु, आप का स्वागत हमारे नए वीडियो में. यह है हमारी टौप क्लास की लेम्बरगिनी जिस में हम जंगल में घूम रहे हैं.” उस के इस वीडियो में 100 मिलियन व्यूज हैं. ऐसे घटिया वाहियात कंटैंट के लिए उसे लाखों लोग फौलो कर रहे हैं. कुसूर सिर्फ क्रिएटर का नहीं, ‘खलिहर’ जनता भी बराबर की जिम्मेदार है.

अफसोस की बात यह नहीं है कि कोई इंसान कैमरे के सामने आ कर ऐसी वाहियात बातें कर रहा है. अफसोस की बात यह है कि देश की एक बहुत बड़ी आबादी इतनी फ्री और खलिहर बैठी है कि उस के पास इस बिना सिरपैर के कचरे को देखने, शेयर करने और इस पर ठहाके लगाने के लिए ढेरों घंटों का वक्त है.

जिसे पढ़ाई बुरी लगती है वो यह वीडियो देखो

सोशल मीडिया पर कुछ वीडियोज इंसपायरेशनल होती हैं जो आप को लाइव एग्जाम्पल्स से जीवन का नया पाठ पढ़ा देती हैं, पढ़ाई के महत्त्व को भी समझाती हैं.

एक शख्स, जिन का नाम शंकरलाल है, इंस्टाग्राम पर कंटैंट क्रिएटर हैं, वीडियो शेयर करते हैं, जिस पर 7.2 मीलियन व्यूज आते हैं. उन की इंस्टा आईडी है, @shankarlalreena. वीडियो में जब शंकरलाल गन्ने के खेतों में हाड़तोड़ मेहनत करते मजदूरों को दिखाते हुए कहते हैं- “हम 12 घंटे पसीना बहाते हैं तब जा कर दिन के 400 रुपए मिलते हैं.” शंकर अपने वीडियो में बता रहे हैं कि जिस को 6 घंटे की पढ़ाई बुरी लगती है, वह इस वीडियो को जरूर देखे.

शंकरलाल वीडियो में एक ईमानदारी और मर्मस्पर्शी बात स्वीकार करते हैं. वे कहते हैं कि जब बचपन में उन के मांबाप उन्हें स्कूल भेजते थे, तो वे किताबों का बस्ता किसी पुलिया के ऊपर रख देते थे और दोस्तों के साथ कंचे खेलने चले जाते थे.

यह कहानी सिर्फ शंकरलाल की नहीं है. यह हर उस इंसान की है जिस ने वक्त रहते शिक्षा की अहमियत को नहीं समझा और आज शारीरिक मेहनत की उस आग में जल रहा है जहां से बाहर निकलने का रास्ता बेहद कठिन है.

शंकरलाल का यह वीडियो हर उस छात्र के लिए एक आईना है जो अपने मांबाप की दी हुई सहूलियतों को ‘टेकन फौर ग्रांटेड’ मान लेता है. आप के मातापिता अपनी दिनरात की कमाई में से पैसे काट कर आप की फीस भरते हैं, किताबें लाते हैं, ताकि आप को वो दिन न देखने पड़ें जो उन्होंने देखे हैं. Viral Instagram Reel

 

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