समस्या:
Relationship Problems: मेरी उम्र 25 साल है, डेढ़ साल से रिलेशनशिप में हूं. शुरुआत में हमारा रिश्ता बहुत अच्छा था लेकिन अब मेरा पार्टनर मेरी हर बात पर शक करने लगा है. मैं औफिस में किसी पुरुष सहकर्मी से बात कर लूं तो वह सवाल करने लगता है. फोन देर से उठाने पर भी उसे लगता है कि मैं किसी से छिप कर बात कर रही हूं. कई बार वह मेरा फोन देखने की जिद भी करता है. मैं उसे समझाने की कोशिश करती हूं कि मेरे लिए यह रिश्ता महत्त्वपूर्ण है, लेकिन उस की शंका कम नहीं होती. अब मुझे घुटन महसूस होने लगी है. मैं क्या करूं?
जवाब:
रिश्ते में भरोसा बहुत जरूरी होता है. थोड़ीबहुत असुरक्षा कभीकभी हो सकती है, लेकिन अगर हर छोटी बात पर शक होने लगे और आप की निजी जिंदगी में लगातार दखल दिया जाने लगे तो इस पर गंभीरता से बात करना जरूरी है.
अपने पार्टनर से शांत माहौल में बात करें और साफ बताएं कि उस की शंकाएं और बारबार फोन चैक करने की मांग आप को किस तरह प्रभावित कर रही है. यह भी समझने की कोशिश करें कि उस के डर की वजह क्या है. लेकिन उस की असुरक्षा को दूर करने की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर न लें. किसी रिश्ते में होने का मतलब अपनी निजता छोड़ देना नहीं है.
अगर बातचीत के बाद भी वह आप की सीमाओं का सम्मान नहीं करता और लगातार आप पर नजर रखने या नियंत्रित करने की कोशिश करता है तो आप को यह सोचना चाहिए कि क्या यह रिश्ता आप के लिए स्वस्थ है. प्यार के साथ भरोसा और सम्मान भी जरूरी है.
समस्या:
मेरी उम्र 22 साल है, कालेज में पढ़ती हूं. मेरी क्लास में एक लड़का है, जो मेरा बहुत अच्छा दोस्त है. हम 2 वर्षों से एकदूसरे के काफी करीब हैं. वह हर छोटीबड़ी बात मुझ से शेयर करता है और जरूरत पड़ने पर मेरी मदद भी करता है. पिछले कुछ महीनों से मुझे लगने लगा है कि शायद मैं उसे दोस्त से ज्यादा पसंद करने लगी हूं. समस्या यह है कि मुझे डर है कि अगर मैं ने उस से अपने मन की बात कह दी और उस ने मुझे उस नजर से नहीं देखा तो हमारी दोस्ती भी खत्म हो सकती है. क्या मुझे अपने दिल की बात उसे बता देनी चाहिए?
जवाब:
सब से पहले यह समझना जरूरी है कि किसी अच्छे दोस्त के लिए भावनाएं पैदा होना असामान्य बात नहीं है. लेकिन सिर्फ इसलिए कि आप उसे पसंद करने लगी हैं, यह जरूरी नहीं कि वह भी आप को उसी तरह पसंद करता हो. इसलिए जल्दबाजी में कोई फैसला लेने के बजाय पहले अपनी भावनाओं को थोड़ा समय दें. खुद से पूछें कि आप को सच में उस से प्यार है या उस की अच्छी दोस्ती और आप के साथ उस का व्यवहार आप को आकर्षित कर रहा है. अगर कुछ समय बाद भी आप की भावनाएं वैसी ही रहती हैं तो आप उस से खुल कर बात कर सकती हैं. लेकिन अपनी बात रखते समय उस पर किसी तरह का दबाव न डालें. उसे सोचने का समय दें और उस के जवाब को स्वीकार करने के लिए खुद को तैयार रखें. अगर वह आप को सिर्फ दोस्त मानता है तो इस का मतलब यह नहीं कि आप दोनों की दोस्ती खत्म ही हो जाएगी. रिश्ते तभी अच्छे रहते हैं जब उन में सामने वाले की भावनाओं की भी उतनी ही इज्जत हो जितनी अपनी भावनाओं की.
समस्या:
मैं 24 साल की हूं. एक साल पहले मेरा ब्रेकअप हुआ था. मेरा एक्स उस समय मुझे बहुत ज्यादा समय नहीं देता था और छोटीछोटी बातों को ले कर हम दोनों के बीच झगड़े होते रहते थे. आखिरकार, मैं ने रिश्ता खत्म कर दिया. अब वह दोबारा मेरी जिंदगी में आना चाहता है. वह कह रहा है कि उसे अपनी गलतियों का एहसास हो गया है और अब वह सबकुछ ठीक करना चाहता है. सच कहूं तो मेरे मन में आज भी उस के लिए भावनाएं हैं, लेकिन मुझे डर है कि दोबारा रिश्ते में जाने के बाद वही समस्याएं वापस न आ जाएं. मुझे कैसे फैसला लेना चाहिए?
जवाब:
ब्रेकअप के बाद पुराने रिश्ते की याद आना स्वाभाविक है. लेकिन सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि आप दोनों के मन में अभी भी भावनाएं हैं. आप को यह भी देखना होगा कि जिस वजह से रिश्ता टूटा था, क्या वह समस्या सच में बदल चुकी है.
अपने एक्स से खुल कर पूछें कि इस बार वह क्या अलग करेगा. केवल ‘मैं बदल गया हूं’ कहने से बदलाव साबित नहीं होता, उस के व्यवहार में भी वह बदलाव दिखाई देना चाहिए. अगर पहले समय न देना, बारबार झगड़ा करना या आप की भावनाओं को नजरअंदाज करना समस्या थी, तो देखें कि अब वह इन्हें ले कर कितना गंभीर है.
आप चाहें तो तुरंत दोबारा रिलेशनशिप में आने के बजाय कुछ समय सामान्य बातचीत और दोस्ती के स्तर पर एकदूसरे को समझ सकती हैं. इस दौरान उस के व्यवहार को देखें. फैसला सिर्फ पुरानी यादों या अकेलेपन की वजह से न लें. पुराना रिश्ता दोबारा शुरू करना है तो पुराने तरीके से नहीं, बल्कि नई समझ और स्पष्ट सीमाओं के साथ शुरू करना जरूरी है. Relationship Problems





