Cat Theft Gang: वियतनाम में पिछले कुछ समय से बड़ी संख्या में लोगों की पालतू बिल्लियां अचानक गायब हो रही थीं. लोग समझ नहीं पा रहे थे कि उन की बिल्लियां कहां जा रही हैं. जब पुलिस ने जांच शुरू की तो चौंकाने वाला मामला सामने आया.
पुलिस ने एक बड़े छापे के दौरान लगभग 400 बिल्लियों को बरामद किया. जांच में पता चला कि एक गिरोह बिल्लियों को चोरी कर के उन्हें मांस के कारोबार में बेच रहा था. पुलिस ने इस मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया है. छापे के दौरान पुलिस को बिल्लियों से भरे कई पिंजरे मिले. इस के अलावा करीब 80 मरी हुई बिल्लियां भी बरामद हुईं. पशु कल्याण संगठनों के अनुसार बचाई गई कई बिल्लियां बेहद खराब हालत में थीं. 40 से अधिक बिल्लियों को उन के असली मालिकों से मिलाया जा चुका है.
पुलिस के अनुसार यह गिरोह पिछले कई वर्षों से दक्षिणी वियतनाम के अलगअलग इलाकों से बिल्लियां पकड़ कर, चोरी कर के इकट्ठा कर रहा था. बाद में इन्हें मांस के लिए बेचा जाता था. इस घटना के बाद वियतनाम में पालतू जानवरों की सुरक्षा को ले कर बहस तेज हो गई है. पशु अधिकार संगठनों ने इसे देश में चल रहे बिल्लीमांस कारोबार की भयावह तसवीर बताया है और सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग की है.
यह मामला इसलिए भी भावुक कर देने वाला है क्योंकि कई परिवार अपनी खोई हुई बिल्लियों को खोजते हुए पुलिस स्टेशन पहुंचे थे. कुछ लोगों को अपनी पालतू बिल्लियां वापस मिल गईं जबकि इस गिरोह के पकड़े जाने के बाद कई परिवार अपनी बिल्लियों को ले कर सदमे में हैं.
बैंकों को अब देनी होगी रिकवरी एजेंसी की जानकारी
बैंकों ने पहले के महाजनों की तरह अब लठैत टाइप बाउंसर पाल लिए हैं जो लोन रिकवरी मारपीट करके करते हैं. शिकायतें होने पर आरबीआई ने हाल ही में लोन रिकवरी के नियमों में जनता को सहूलियत दी है. अब बैंक को अपने ग्राहकों को रिकवरी एजेंसी और एजेंट की सारी डिटेल्स देनी होंगी ताकि ग्राहकों को परेशानी और उत्पीड़न न झेलना पड़े. पहले बाउंसर साथ लिए रिकवरी एजेंट अचानक आ जाते थे या फोन करते थे, जिस से कई ग्राहक परेशान हो जाते थे. अब आरबीआई ने तय किया है कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए. ग्राहक को पहले से पता होना चाहिए कि कौन सी एजेंसी और कौन सा एजेंट उस से संपर्क कर रहा है.
नए नियम के तहत जब बैंक किसी रिकवरी एजेंट को केस सौंपे तो उसे ग्राहक को लैटर, एसएमएस या ईमेल से नाम, संपर्क नंबर और पता के साथ एजेंसी और एजेंट की पूरी जानकारी देनी होगी. हर बैंक को अपनी वैबसाइट, मोबाइल ऐप और ब्रांच में रजिस्टर्ड रिकवरी एजेंसियों की अपटूडेट लिस्ट दिखानी होगी. इस में एजेंसी का नाम, पता, एजेंटों की जानकारी और उन की जौइनिंग डिटेल्स भी होनी चाहिए. रिकवरी एजेंट के लिए ग्राहक को बैंक का औथेंटिक कार्ड और अपनी पहचान दिखानी होगी.
रिजर्व बैंक ने रिकवरी एजेंटों के लिए समय भी तय किया है. अब वे सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही आ सकते हैं. गलत भाषा, धमकी या परिवार वालों को परेशान करने वाले एजेंटों के खिलाफ शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा. Cat Theft Gang





