Teaching Apps Fraud: शिक्षा का उद्देश्य भविष्य संवारना है, लेकिन जब शिक्षा के नाम पर सपनों की मार्केटिंग होने लगे, तो सावधान हो जाने की जरूरत है. कुछ टीचिंग ऐप्स सफलता के ऐसे सपने दिखाते हैं, जिन की हकीकत अकसर विज्ञापनों से बिलकुल अलग होती है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि कहीं जल्दी पैसा कमाने का सपना, किसी बड़े धोखे की शुरुआत तो नहीं?
मोबाइल की स्क्रीन पर चमकते विज्ञापन ‘घर बैठे लाखों कमाइए’, ‘हर घंटे की क्लास का शानदार भुगतान’, ‘महीने में 45,000 से 85,000 रुपए कमा रहे हैं हमारे टीचर, आप भी कमाइए’ आज ऐसी मार्केटिंग स्ट्रैटेजी से हजारों युवतियां, गृहिणियां और युवा शिक्षक, जिन्हें अपनी आर्थिक दशा जल्द सुधारनी है, इन टीचिंग ऐप्स की ओर आसानी से आकर्षित हो रहे हैं. लेकिन इन रंगीन दावों के पीछे एक ऐसी सच्चाई छिपी है जहां मेहनत से ज्यादा मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और शोषण हाथ लगता है.
कई शिक्षक शुरुआत में सुनहरे सपने ले कर टीचिंग ऐप्स से जुड़ते हैं, पर कुछ ही दिनों में उन्हें एहसास होने लगता है कि यहां पढ़ाने से ज्यादा समय ‘टारगेट’, ‘रैंकिंग’, रिव्यू ‘कमीशन’ मार्केटिंग और लीड की दौड़ में बीत रहा है.
आजकल औनलाइन टीचिंग ऐप्स की भरमार है और बस आप के उस में पैर डालने की देर है, जैसे ही आप इन टीचिंग ऐप्स में अच्छे शिक्षक के तौर पर अच्छी कमाई की उम्मीद से जाते हैं, आप की उम्मीदों पर मकड़जाल की तरह इन ऐप्स का व्यवसायीकरण बुरे तरीके से हावी हो जाता है. कैसे, आइए जानते हैं.
सपनों की शुरुआत और उम्मीदों का बाजार
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