Crime Stories: शराब मारती है ये तो जगजाहिर है पर शराब को मारने का हथियार बना कर एक नहीं 8 लोगों की हत्याएं कर डालने के लिए जो हिम्मत चाहिए वह कम में होती है. शराबी को वैसे ही कुछ होश नहीं रहता है कि वह क्या क्यों पी रहे हैं और वह सबसे आसान शिकार होता है. छत्तीसगढ़ के एक सीधे लगने वाले शख्स ने जो किया शायद वह उसे अपने मैडल समझता होगा.

छत्तीसगढ़ में एक कहावत बेहद प्रचलित है कि ‘दम भाई तो सगा भाई’. मुफ्त की शराब के लिए तो पियक्कड़ दुश्मन के साथ भी पीने बैठ जाते हैं.खर्वे गांव में  किराना दुकान चलाने वाले  रामसहाय जायसवाल ने लोगों की इसी कमजोरी का फायदा उठाकर  अपने दुश्मनों को शिकार बनाया.  रामसहाय ने अपना पहला शिकार 6 फरवरी, 2026 को बद्री पटेल को बनाया था. बद्री अकसर रामसहाय के साथ गालीगलौज करता था और शराब पिलाने के लिए दबाव बनाता था. रामसहाय बद्री को पुरानी बातें भुला कर पहले भरोसे में लाया, उस के बाद सुहागा मिली शराब  बद्री को दी, जिसे पी कर बद्री की मौत हो गई.

पहले शिकार से मिली सफलता से रामसहाय का हौसला बढ़ा और उस ने दूसरा निशाना बुढ़ालु को  बनाया. बुढ़ालू रामसहाय और उस की समाज को गाली देता था. 2023 के विधानसभा चुनाव के समय से उन के बीच विवाद चल रहा था. रामसहाय ने 20 फरवरी, 2026 को बुढ़ालू को भी सुहागा मिला कर शराब पिलाई और उस की मौत हो गई.कार छत्तु राम को बनाया. छत्तूराम रामसहाय की  पत्नि पर बुरी नज़र रखता था, जिस का बदला लेने के लिए उस ने उसे सुहागा मिली शराब पिलाई और छत्तूराम की भी मौत हो गई. बुधराम के साथ रामसहाय की जमीन के लेन देन और समाजिक रूप से पुरानी रंजिश चल रही थी. ठीक उसी पैटर्न में शराब में सुहागा मिलाकर पिलाने से बुधराम को उस ने मौत की नींद सुला दिया.

किसी को कोई शंका नहीं होने पर रामसहाय का हौसला बढ़ता जा रहा था. रामसहाय द्वारा अगला शिकार विनोद कुमार को बनाया गया, जो उसे लगातार गालीगलौज किया करता था, उस से बदला लेने के लिए सुहागा मिलाकर शराब पीने के लिए दी, जिसे पीने से विनोद कुमार

12 मार्च, 2026 को रामसहाय ने अपना तीसरा शिकी भी मौत दिनांक 31 मार्च, 2026 को कसडोल अस्पताल में हो गई. इसी तरह शांति पूजा कराने वाले गजानंद की मौत 28 अप्रैल को हो गई . रामसहाय का मानना था कि गजानंद उन पर बैगा गुनिया करता था, जिस की बजह से वह कर्जमुक्त नहीं हो पा रहा था और उस के जीवन में सुख शांति नहीं थी.रामसहाय ने चैतूराम से 50 हजार रुपए कर्ज लिया था. चेतूराम रामसहाय से समय पर ब्याज की रकम की मांग करता था,जो रामसहाय को नागवार गुजरता था. ब्याज की रकम से निजात पाने के लिये रामसहाय ने चैतुराम को 29 अप्रैल को शराब में सुहागा मिलाकर दिया, जिसे पीने से चैतुराम की  मौत हो गयी.

2023 में चुनाव के समय रामसहाय का मेहतरू साहू से भी झगड़ा हुआ था, तब मेहतरु ने रामसहाय के साथ मारपीट की थी. इसी का बदला लेने के लिए उस ने 14 मई, 2026 को महेतरू को भी सुहागा मिली शराब दी गई,  जिसे पीने से महेतरू की भी मौत हो गई.

जब खर्वे गांव में एक के बाद एक 8 लोग काल के गाल में समा गए तो गांव वालों ने कसडोल पुलिस थाने का दरवाजा खटखटाया. ग्रामीणों ने 6 जून, 2026 को थाने पुलिस में शिकायत दे कर रामसहाय पर संदेह जताया. पुलिस ने रामसहाय से पूछताछ शुरू की, मगर 2 दिन तक रामसहाय पुलिस को इसी तरह चकमा देता रहा. उस के चेहरे पर कोई डर नहीं, कोई पछतावा नहीं था, बस एक साइको किलर जैसी अजीब सी निश्चिंतता थी. जब रामसहाय टूट नहीं रहा था, तब एसपी ओ.पी. शर्मा ने एसडीओपी कौशल किशोर वासनिक और पूरे पुलिस स्टाफ के साथ मिलकर  एक रणनीति बनाई. रणनीति के तहत यह तय किया गया  कि रामसहाय से सीधे पूछताछ करने के बजाय, पहले उसे भरोसा दिला कर पहले दोस्त बनाना होगा. जब पुलिस ने उससे दोस्ताना व्यवहार शुरू किया तो रामसहाय को ऐसा लगा जैसे पुलिस उसकी तारीफ कर रही है, फिर क्या था रामसहाय ने बता दिया कि आठों लोगों को किस तरह शराब की बोतल में सुहागा मिला कर मौत के मुंह में धकेल दिया.

सुहागा जिसे अंग्रेजी में बोरेक्स कहते हैं काफी आयुर्वेदिक दवाओं में डलता है. बहुत कम मात्रा में यह दवा है पर थोड़ा ज्यादा लेने पर किडनी और लीवर को नुकसान पहुंचा कर पहले कोमा में ले जाता है फिर मृत्यु तक हो जाती है.

रामसहाय ने पहले सुहागा के जहर को किसी इंसान पर  जहर नहीं आजमाने के लिए एक आवारा कुत्ते को चुना. रामसहाय ने सुहागा मिला बिसकुट अपने  गांव के एक आवारा कुत्ते को खिलाया. कुत्ते ने जैसे ही सुहागा मिला बिसकुट खाया वह मर गया. यह देख कर रामसहाय को पक्का यकीन हो गया कि, सुहागा का जहर किसी इंसान को मारने के लिए बड़ा कारगर है.

रामसहाय अब यह मान कर चल रहा था कि अब वह किसी को भी मार सकता था, बिना पकड़े. उस ने तय कर लिया कि, जिसे मारना है, पहले उस से दोस्ती करूं, फिर शराब पिलाऊं और उस में सुहागा मिलाऊं, जिस से किसी को उस पर शक न हो. पुलिस टीम के सामने रामसहाय ने शराब में जहर मिला कर अलगअलग कारणों से 8 लोगों की हत्या करने का जुर्म कुबूल कर लिया लंबी कहानी मनोहर कहानियां के अगस्त अंक में पढ़ें. Crime Stories

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