AI Fraud: हाल ही में साइबर सुरक्षा कंपनी बायोकैच द्वारा 25 देशों के 1,440 बैंकिंग और धोखाधड़ी रोकथाम विशेषज्ञों के बीच किए गए सर्वे में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. सर्वे के अनुसार 84 प्रतिशत विशेषज्ञों का मानना है कि अगले एक साल में एआई आधारित एजेंट साइबर अपराधियों के लिए सब से बड़ा हथियार बन जाएगा. 88 प्रतिशत विशेषज्ञों ने कहा कि एआई ने पहले से ही धोखाधड़ी को ज्यादा खतरनाक बना दिया है. 72 प्रतिशत का मानना है कि भविष्य में इंसान और एआई के बीच अंतर करना बहुत कठिन हो जाएगा. 60 प्रतिशत विशेषज्ञों को डर है कि एआई के कारण सुरक्षा उपाय कमजोर पड़ जाएंगे. 76 प्रतिशत विशेषज्ञों ने कहा कि उन के क्षेत्र में धोखाधड़ी की गति तेजी से बढ़ रही है.
कभी साइंस फिक्शन फिल्मों में दिखाई देने वाली आर्टिफिशियल इंटैलिजैंस आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है लेकिन जिस तकनीक से लोगों का जीवन आसान होना था उसी तकनीक का इस्तेमाल अब साइबर अपराधी बड़े पैमाने पर ठगी और धोखाधड़ी के लिए कर रहे हैं. दुनियाभर के बैंक इस खतरे को ले कर चिंतित हैं.
भारत में स्थिति और भी गंभीर दिखाई दे रही है. 90 प्रतिशत भारतीय बैंकिंग अधिकारियों ने कहा कि पिछले एक वर्ष में धोखाधड़ी के प्रयास बढ़े हैं. 84 फीसदी अधिकारियों ने बताया कि धोखाधड़ी से होने वाला आर्थिक नुकसान बढ़ा है. पहले साइबर अपराधियों को किसी व्यक्ति को ठगने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती थी. अब एआई उन की मदद कर रहा है.
अपराधी एआई के जरिए किसी व्यक्ति की आवाज या वीडियो की नकली कौपी बना सकते हैं.
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