Education System: NTA यानी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी 2017 में बनी थी. वादा किया गया था कि अब पेपर लीक नहीं होंगे. सब ऑनलाइन और पारदर्शी होगा. 7 साल बाद हालत ये है की छात्र सड़क पर उतर आये और उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ NTA को भंग करने की मांग रखी. 25 जुलाई की दोपहर धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आंदोलन खत्म होने की बात की जा रही है लेकिन फसाद की जड़ NTA है इसे भंग होना चाहिए, यह मांग सबसे जरुरी है. इसके पूरा हुए बिना आंदोलन अधूरा ही माना जाएगा.

छात्रों का प्रोटेस्ट 20 जुलाई के बाद पूरे भारत फ़ैल गया जिसके दवाव में NTA ने 24 कुलाई 2026 को आनन-फानन में 47 लोगों को बर्खास्त कर दिया. इनमें स्थायी और कॉन्ट्रैक्टुअल दोनों तरह के कर्मचारी शामिल हैं. NTA ने कहा है कि उसका यह कदम “मेजर ऑर्गेनाइजेशनल ओवरहॉल” का हिस्सा है.

NTA हर साल 1 करोड़ से ज्यादा बच्चों की परीक्षा लेता है. NEET, JEE, CUET, NET जैसी बड़ी परीक्षाएं इसी के हाथ में हैं. 2024 में सिर्फ NEET के पेपर के लिए 23 लाख से ज्यादा बच्चों ने फॉर्म भरा था और पेपर लीक हो गया. UGC-NET का हाल और बुरा था. 18 जून 2024 को परीक्षा हुई. 19 जून की रात को खबर आई कि पेपर लीक हो गया जिसके कारण परीक्षा रद्द करना पड़ा. 9 लाख छात्रों का एक साल बर्बाद हो गया. कई जगह लाइट गई, लेट पेपर शुरू हुए. बच्चों को इस लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ा. न कारण बताया, न जिम्मेदारी ली. CUET की कहानी भी अलग नहीं. 2022 में सर्वर बैठ गया, सेंटर पर पेपर नहीं पहुंचे. परीक्षा की तारीख 6 बार बदली गई थी.

2024 के NEET एग्जाम में सबसे बड़ा घोटाला हुआ. पेपर लीक हुआ. 67 बच्चे टॉपर बने, ग्रेस मार्क दिए गए. घोटाला सामने आया तो स्टूडेंट्स सड़कों पर उतर आये. बात इतनी बढ़ी कि CBI और सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़ा. सरकार ने भरोसा दिलाया था कि दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी लेकिन दो साल बाद नतीजा यह निकला कि किसी एक को भी सजा नहीं हुई. जिसे 2024 के पेपर लीक का मास्टरमाइंड बताया जा रहा था वह भी बरी हो गया.

NTA हर पेपर लीक के बाद कहता रहा कि अब सब सुरक्षित है लेकिन हैकिंग, पेपर लीक और डाटा चोरी के मामले लगातार जारी रहे. छात्रों का आधार, फोटो, सब कुछ NTA के पास है लेकिन सुरक्षा की कोई गारंटी NTA के पास नहीं. परीक्षा सेंटर की भी मनमानी है. कई बच्चों को घर से 300-400 किलोमीटर दूर सेंटर मिला. दिव्यांग छात्रों के लिए कोई सुविधा नहीं. परीक्षा वाले दिन CCTV बंद और जैमर काम नहीं करते फिर धांधली न हो तो क्या हो?

गलती होने के बाद NTA एक कमेटी बना देता है. न कोई ऑडिट, न कोई जवाबदेही. सबसे बड़ी बात कि एग्जाम के नाम पर लूट की हद पार कर दी जाती है. NEET एग्जाम की फीस 1700 रुपये. 23 लाख बच्चे इस एग्जाम की फीस भरते हैं, मतलब करीब 400 करोड़ रुपये NTA डकार जाता है. फीस लेते समय NTA पीछे नहीं हटता और जब पेपर लीक होता है तो री-एग्जाम का खर्च भी छात्र को ही उठाना पड़ता है हालांकि इस बार के रीएग्जाम में फीस नहीं लिया गया.

NTA के पास इतनी बड़ी परीक्षा कराने का अनुभव ही नहीं. CBSE और UPSC जैसे पुराने सिस्टम को हटाकर जल्दबाजी में नया प्रयोग कर दिया गया जिसका नतीजा सबके सामने है. दुनिया के दूसरे देशों में देखिए. अमेरिका का SAT 100 साल से चल रहा है. चीन की बड़ी परीक्षा राज्य सरकारें कराती हैं. भारत में एक एजेंसी को 1 करोड़ बच्चों की जिम्मेदारी दे दी गई जिसका खामियाजा करोड़ों बच्चे भुगत रहे हैं.

NTA की इसी लापरवाही के कारण सुप्रीम कोर्ट को कहना पड़ा कि NTA ने छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया. हाईकोर्ट ने भी कई बार NTA से सवाल पूछे कि आंसर की कैसे बनाई? मार्क कैसे दिए? लेकिन हर बार NTA सुधरने की बात करता है और बाद में फिर वही गलती दोहराता है. CAG की 2024 की रिपोर्ट कहती है कि NTA ने 2022 से 23 के बीच 450 करोड़ रुपये कमाए लेकिन IT और सुरक्षा पर सिर्फ 28 करोड़ खर्च किए. बाकी पैसा कहां गया? पता नहीं.

पेपर लीक कोई एक आदमी नहीं कर रहा. इसके पीछे पूरी चेन है. कोचिंग, दलाल और NTA के अंदर के लोग. CBI ने 2024 में 5 राज्यों में 30 से ज्यादा केस दर्ज किए लेकिन रिजल्ट शून्य ही रहा इसलिए NTA को बंद करने की मांग बिलकुल जायज है. जब 7 साल में 5 बार पेपर लीक हो तो NTA पर भरोसा कैसे करें?

NTA का एकमात्र विकल्प यही है कि NEET और JEE फिर से पुराने बोर्ड को दे दिया जाये. NET की जिम्मेदारी पहले की तरह UGC को दे दिया जाये. CUET यूनिवर्सिटी खुद मिलकर कराएं और हर परीक्षा के लिए अलग निगरानी कमेटी बने. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से समस्या खत्म नहीं होगी क्योंकि समस्या की जड़ में व्यक्ति नहीं, सिस्टम है. जब तक NTA जैसी नाकाम एजेंसी रहेगी, समस्या बनी रहेगी. परीक्षा से देश का भविष्य बनता है और जब भविष्य बनाने वाली एजेंसी ही फेल हो जाए तो उसे तुरंत ख़ारिज कर देना चाहिए. Education System

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