AI Technology: दुनिया में मशहूर टैक जायंट एलन मस्क अपने स्पेसएक्स प्रोग्राम के तहत अंतरिक्ष में 10 लाख सैटेलाइट स्थापित करने का प्लान बना रहे हैं ताकि आर्टिफिशियल इंटैलिजैंस की डेटा मशीनों को बिजली की जरूरत न पड़े और वे 24 घंटे मिलने वाली सूरज की रोशनी से रातदिन बिना थके, बिना बड़े मैंटिनैंस के काम करती रहें. अभी यह कहना मुश्किल है कि यह कदम तकनीक पर मानवता की विजय का है या मानवता के लिए संहारक है. एटम (परमाणु) को तोड़ कर उस से उर्जा निकालने का कदम एक समय बड़ी उपलब्धि मानी गया था लेकिन अब जिन 10-12 देशों के पास एटम बम हैं वे हरेक पर बिना वजह धौंस जमाते रहते हैं और यह कोशिश करते रहते हैं कि कोई दूसरा देश इस तकनीक को अपना न ले.

एटम को तोड़ कर उस से उर्जा निकाल कर बिजली बनाने के संयंत्र दुनियाभर में लगे लेकिन बाद में चेर्नोबिल, रूस और जापान में दुर्घटनाओं के बाद इन पर से भरोसा उठ गया है. आज आणविक शक्ति का मतलब सिर्फ संहारक रह गया है, बम रह गया है. यही आर्टिफिशियल इंटैलिजैंस के साथ होने की संभावना बनती जा रही है. जिस के पास यह तकनीक होगी, ज्यादा अच्छी होगी, वह न केवल दुनिया के देशों की सरकारों को डरा कर रखेगा बल्कि आमजन को कोरा गुलाम भी बना सकता है.

आज आर्टिफिशियल इंटैलिजैंस तकनीक अभी शुरुआती स्तर पर है. उम्मीद है कि यह ऐसी मशीनें बना देगी जो खाना भी पैदा कर देंगी, प्रोसैस भी कर देंगी और आप की मेज तक ला कर परोस भी देंगी. वे उन अधिकांश नौकरियों को खा जाएगी जो आज लोगों के लिए रोजीरोटी का जरिया हैं. यही नहीं, वे अस्पतालों में सर्जरी भी कर देंगी, एंटरटेन भी करेंगी. इतना नहीं, वे हवाई जहाज भी चलाएंगी और आम आदमी की मोटरबाइक को सैल्फड्रिवन भी बना देंगी.

वह सुख का समय होगा. शायद नहीं. यह पक्का है कि जिन के पास पूरी 8 अरब जनता को कंट्रोल करने के हक होंगे, वे फिर 8 अरब की चिंता नहीं करेंगे. वे इन एआई मशीनों से वही जानकारी 8 अरब को देंगे जो वे चाहते हैं. आज भी 8 अरब लोगों का बडा हिस्सा धर्म की आर्टिफिशियल इन्फौर्मेशन का गुलाम है. ईश्वर है, यह सभी धर्म कहते हैं पर धर्म को शुरू करने वाले को 2,000 साल पहले या 4,000 साल पहले यह कैसे पता चला, यह साफ नहीं है.

आर्टिफिशियल इंटैलिजैंस यही पाठ पढ़ाएगा कि मशीनें तो बस गुलाम हैं पर मानव को करना वही पड़ेगा जो मशीनें कह रही हैं. इन मशीनों को चलाएंगे एलन मस्क जैसे लोग जो राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों से ऊपर होंगे. ये मशीन के विरोधी लोगों को कुचल देंगे. या उन का डेटा डीलिट कर उन्हें मरा सा घोषित कर सकते हैं.
10 लाख सैटेलाइट असल में 10 लाख फौजी हैं जिन में हरेक के पास टैंक हैं. ये निर्माण नहीं करेंगे, ये सिर्फ लूटेंगे. 8 अरब लोग मिल कर भी एक एलन मस्क का मुकाबला नहीं कर पाएंगे क्योंकि हर संभव टूल एलन मस्क के हाथ में ही होगा. AI Technology

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