Elon Musk: इलैक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी टैस्ला के मालिक एलन मस्क आजकल स्पेस टैक्नोलौजी में भी बड़ा काम कर रहे हैं. उन के स्टारलिंक सैटेलाइटों ने अंतर्राष्ट्रीय डेटा ट्रांसफर को बहुत आसान कर दिया है. एक तरफ वे बिना ड्राइवर के इलैक्ट्रिक गाडि़यां बना रहे हैं तो दूसरी तरफ मंगल ग्रह तक जाने और वहां बस्ती बसाने के लिए भी काम कर रहे है.

अब उन्होंने जनता को कंपनी के शेयर बेचने के लिए अपनी कंपनी स्पेसएक्स के शेयर जारी किए हैं जिन्होंने शेयर बाजार में तहलका मचा दिया है. इस बिक्री के बाद एलन मस्क की कुल निजी संपत्ति भारत की पूरी अर्थव्यवस्था की एकतिहाई के बराबर हो जाएगी. वे 1 ट्रिलियन डौलर से ज्यादा के मालिक हो जाएंगे.

एलन मस्क की यह निजी सफलता उस टैक्नोलौजी पर आधारित है जो दुनिया को जहां बहुत सी सुविधाएं दे रही है, वहीं उसे टैक्नोलौजी का बुरी तरह गुलाम भी बना रही है. नई टैक्नोलौजी के आने से पहले, 15वीं सदी से पहले, यूरोप में आम नागरिक धर्म का जीवनभर गुलाम रहता था, कुछ वैसा ही अब इंटरनैट टैक्नोलौजी से होने वाला है जिस में एलन मस्क जैसे 10-12 टैक महापंडित पूरी दुनिया पर राज करेंगे.

आज भी 10-12 टैक कंपनियों के मालिक बड़ेबड़े नेताओं के हर राज को जानते हैं. किसी भी देश का कोई नेता, कोई ब्यूरोक्रैट, कोई लेखक, कोई संपादक, कोई समाजसेवी इन की पकड़ से बाहर नहीं है. ये हरेक का सच तो पता रखते ही हैं, अपने पर उतर आएं तो किसी भी निर्दोष को अपने टैक्नोलौजी के जरिए नकली तथ्यों से इस तरह बांध सकते हैं कि उक्त व्यक्ति चाहे तो भी कुछ नहीं कर सकता.

एलन मस्क का ट्रिलियनर होना एक हिटलर के जन्म के होने की तरह है, जैसे हिटलर ने जरमन लोगों को पहले विश्व युद्ध में हार के बाद लच्छेदार जुमलों से भरमा कर ज्यूस (यहूदियों) के खिलाफ खड़ा कर खास गोरों की एक प्रजाति आर्य की कल्पना कर डाली थी और पूरे विश्व को एक भयानक व भयंकर युद्ध और विनाश के गढ्डे में धकेल दिया था, वैसी ही एलन मस्क के हाथों में आज ताकत दे दी गई है.

अमीर होना गुनाह नहीं है. ऐसा अमीर होना खतरनाक है जिस पर जनता का कोई नियंत्रण न हो. एलन मस्क आज ऐसा अमीर है जिस पर किसी देश की सरकार कोई कानून नहीं बना सकती, कोई नियंत्रण लागू नहीं कर सकती. आम जनता ने इंटरनैट के सारे फायदों के बदले कई पीढि़यों तक अपनी आजादी एलन मस्क जैसे टैक मालिकों के हाथों गिरवी रख दी है.

यह नहीं भूलना चाहिए कि एलन मस्क की टैक्नोलौजी के बावजूद दुनिया में भूखों की कमी नहीं हुई है. बेघरों की कमी नहीं हुई है. वातावरण साफ नहीं हुआ है. धर्म, रंग और जाति का भेदभाव खत्म नहीं हुआ है. युद्ध भी समाप्त नहीं हुए हैं. स्पेसएक्स दुनिया की कंपनियों को जोड़ रहा है पर दुनिया के लोगों को अपनेअपने दड़बों, अपनेअपने मोबाइलों में कैद कर रहा है. इन दड़बों और मोबाइलों के रिमोट जैसे लौक एलन मस्क जैसों की कंपनियों ने लगाए हैं और उन्हीं के पास चाबियां हैं. Elon Musk

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