आज फादर्स डे है
कई व्हाट्सएप स्टेटस पर
पिता को भगवान बना कर
बिठाया, सजाया गया है
पिता का सिर्फ आधा डीएनए
लेकिन मालिकाना हक पूरा
और यह हक
आईडी में पिता के नाम के साथ ही
जिंदगीभर थोपा रहता है
सच ये है
पिताओं ने बेटों को पाला पोसा
लेकिन उस पालने में उनका नाम था
उनकी ज़मीन थी, उनका वंश था
और सबसे बड़ी बात
उनका अपना स्वार्थ था
बेटियों की तो
पिताओं ने कोख में ही
पहचान कर ली
और निपटा दिया

जो बच गईं
वे कन्याएँ दान कर दी गईं
दहेज़ के साथ
ताकि
प्रॉपर्टी में हिस्सेदारी
से बच सके
पिता पहले मर्द है
बाद में पिता
इसलिए
एक मर्द की प्रॉपर्टी
मर्द वारिसों को ही ट्रांसफर होनी चाहिए
अपनी प्रॉपर्टी में हिस्सेदारी और
अपनी मेहनत की कमाई में भागीदारी
वह बेटी को क्यूँ सौंपे?
कमाता रहा वह
दौलत शोहरत और इज्जत
यह बेटों की विरासत का जतन था
लेकिन इसमें
बेटियों के लिए सिवा दहेज़ के
कुछ नहीं था
जो बेटी जिंदा बच गई
उसके पैरों में पाजेब और
पायल की बेड़ी पहनाई गई
इज्जत के नाम पर उसकी साँसें नापी गईं
स्कूल से पहले, रसोई सिखाई गई
पिताओं ने माँओं को अपनी पालतू समझा
फिर उसी पालतू की चीखों को
कमरे की चारदीवारी में बंद कर
हर रात बलात्कार किया
और हर सुबह आदर्श पिता बनकर
मूंछो पर ताव देता घूमता रहा
फिर भी
यही पिता महान है
क्योंकि धर्म ने कह दिया
समाज ने स्वीकार किया
कानून ने आँखें मूंद लीं
और हर बेटी ने
इसे शाश्वत सच मान लिया
पिताओं ने बच्चों को पाला पोसा
ब्याज के साथ उन्हें
बुढ़ापे का सहारा वाला रिटर्न मिला
पिताओं ने बेटियों को कोख में ही
आउट ऑफ़ स्टॉक कर दिया
क्योंकि वारिस का प्रोडक्ट डिमांड में था
दहेज का खर्चा नहीं उठाना था
स्कूल की फीस बेटे की
दहेज का फंड बेटी का
यही पिता का हिसाब है
यही पितृसत्ता का अकाउंट है
पिता दिवस असल में
पितृसत्ता का ढकोसला ही है
जहाँ त्याग का लेबल चिपकाकर
मालिकाना हक बेचा जाता है.
पिता दिवस असल में
पितृसत्ता की महिमा गान ही है
जब तक ये ढांचा नहीं टूटेगा
महान पिता का ताज
किसी बेटी की कब्र पर ही रहेगा
जो प्यार के नाम पर मालिकाना हक जताता है
मैंने तुझे जन्म दिया कहकर
पूरी ज़िन्दगी का हिसाब मांगता है
ऑनर किलिंग, भ्रूण हत्या और
आजादी छीनने वाले
ऐसे पिताओं की चिताओं पर भी
चिंता व्यर्थ है
-शकील प्रेम





