Social Story: व्यक्ति जिस प्रवृत्ति का होता है, उस की वह प्रवृत्ति जाती नहीं है. वह हावभाव से अपनी बात कह ही देता है. बात बीजेपी बनाम मोदी समर्थकों की है. सत्तारूढ़ केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके, सत्ताविरोधी राज्य सरकारों में राज्यपाल मनोनीत किए गए हैं. इन का आचरण किसी से छिपा नहीं है.
ये अपना संवैधानिक पद निभाने के बजाय वहां के शासित मुख्यमंत्री की निंदा करते हैं. जाहिर है, ये ऐसा जान कर करते हैं कि जिस से उन राज्य सरकारों का मनोबल तोड़ा जा सके. पश्चिम बंगाल की सीएम और राज्यपाल के विवाद छाए रहते थे. उत्तर प्रदेश में बीजेपी का राज्यपाल है, वहां भाजपा की सरकार होने के नाते वे मुख्यमंत्री से सहयोग करते रहते हैं. ताजा उदाहरण कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु में भाजपा विरोधी राज्य सरकारें हैं.
वहां राज्यपाल बीजेपी माइंड के हैं जो मुख्यमंत्री के कामों में विघ्न डालते हैं. संवैधानिक पद निभाने के बजाय ऐसे व्यक्ति अपनी हनक दिखाने से बाज नहीं आते. आखिरकार, इन्हें पद की गरिमा गिराने का हक किस ने दिया.
सीमा गुप्ता
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