Relationship Advice: पीरियड्स के समय शरीर ही नहीं, मन भी बहुत संवेदनशील हो जाता है. ऐसे में अगर बौयफ्रैंड भावनात्मक रूप से दूर लगे तो अकेलापन और ज्यादा चुभता है. सब से पहले खुद को यह समझाएं कि इस दौर में आप की भावनाएं ‘ज्यादा’ नहीं, बल्कि स्वाभाविक हैं. चुप रह कर दुख सहने के बजाय अपने बौयफ्रैंड को साफ लेकिन नरमी से बताइए कि इन दिनों आप को बड़े काम नहीं, बस थोड़ी सी बात, एक कौल या स्नेहभरे 2 मैसेज ही सुकून दे देते हैं.

अगर वह सच में आप को चाहता है तो उसे आप की जरूरत समझने में समय लग सकता है पर रास्ता बताया जाना जरूरी है. साथ ही, पूरा सहारा एक ही इंसान से पाने की उम्मीद खुद को और थका सकती है, इसलिए इन दिनों खुद की देखभाल को प्राथमिकता दें- गरम पानी, हलका खाना, आराम, अपनी पसंद का म्यूजिक या कोई भरोसेमंद दोस्त से बात. याद रखिए, भावनात्मक मजबूती का मतलब अकेले सब सहना नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर सही तरीके से सहारा मांगना है और खुद के साथ थोड़ा ज्यादा प्यार करना भी.

मेरे बौयफ्रैंड की बहन मुझसे ठीक से बात नहीं करती और हर बात में मुझे नीचा दिखाने की कोशिश करती है. इस से मुझे बहुत बुरा लगता है लेकिन मैं झगड़ा नहीं चाहती. क्या करूं?

जब आप के बौयफ्रैंड की बहन आप को बारबार नीचा दिखाने की कोशिश करती है तो तकलीफ होना स्वाभाविक ही है क्योंकि सम्मान हर रिश्ते की बुनियाद होता है. ऐसी स्थिति में सब से जरूरी बात यह समझना है कि हर तंज का जवाब देना मजबूती नहीं, बल्कि कई बार चुप रह कर संतुलन बनाए रखना ही समझदारी होती है.

आप अपनी बातव्यवहार में शालीनता और आत्मसम्मान बनाए रखें, ताकि सामने वाला यह समझ सके कि आप कमजोर नहीं हैं, बस, झगड़ा नहीं चाहतीं. साथ ही, अपने बौयफ्रैंड से शांत तरीके से यह बात साझ करना जरूरी है, आरोप लगा कर नहीं, बल्कि अपनी भावना बताते हुए कि उस के घर का माहौल आप को कैसे प्रभावित करता है. अगर वह सम?ादार है तो वह सीमाएं तय करने में आप की मदद करेगा. याद रखिए, आप को किसी को खुश करने के लिए खुद को छोटा करने की जरूरत नहीं है. रिश्ते वहीं टिकते हैं जहां धीरेधीरे सम्मान पैदा होता है. अगर आप संयम, आत्मविश्वास और साफ सीमाओं के साथ आगे बढ़ेंगी तो, या तो सामने वाले का व्यवहार बदलेगा या कम से कम आप की मानसिक शांति सुरक्षित रहेगी. Mental Health Awareness

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