Google Maps Trust Issue : आज के दौर में गूगल मैप पर भरोसा कर के वाहन चालक चलते हैं. कई बार इस के चलते गलत राह पर निकल जाते हैं जिस के चलते लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं. ऐसे में आंख बंद कर गूगल पर भरोसा करना ठीक नहीं.
देवरिया में सड़क बनाने के लिए बजरी ले कर जा रहे 3 ट्रक चालक रजनीश, कैलाश, प्रियांक चित्रकूट से सोनूघाट जा रहे थे. गूगल लोकेशन के सहारे बड़हलगंज से आगे बढ़ने पर गूगल द्वारा सेमरा पुल से हो कर जाने का रास्ता बताया गया. गोरखपुर जनपद की सीमा में सेमरा पुल के एप्रोच मार्ग से जुड़े सेमरा नवलपुर बांध पर जैसे वाहन पहुंचे, मार्ग संकरा होने के कारण आगे चल रहा रजनीश का ट्रौलर बांध से नीचे फिसलने लगा.
गनीमत रही कि स्पीड कम होने से किनारे पर लगे पेड़ों से टकरा कर वह रुक गया वरना गहरी खाई में गिरने से बड़ा हादसा हो जाता. आगे के वाहन को दुर्घटनाग्रस्त होते देख पीछे आ रहे चालकों ने वाहन रोक लिए.
शाहजहांपुर के तिलहर थाना क्षेत्र के निगोही रोड पर अमन टूरिस्ट बस अनियंत्रित हो कर गहरी खाई में गिर गई. नेपाल बौर्डर के कृष्ण नगर से आ रही यह बस डडि़या गांव के पास अचानक पहिया गड्ढे में जाने के बाद अनियंत्रित हो गई और गहरी खाई में जा पहुंची. इस दौरान बस में करीब 56 यात्री सवार थे. यात्रियों में अफरातफरी मच गई. शोर सुन कर ग्रामीण मौके पर पहुंचे. बसचालक, परिचालक और 3 अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आईं. बाकी को गांव वालों की मदद से निकाल लिया गया.
बसचालक अमनदीप ने बताया कि वह नेपाल बौर्डर के कृष्ण नगर से बलरामपुर होते हुए चंडीगढ़, पंजाब जा रहा था. चलने से पहले गूगल मैप की लोकेशन सैट कर ली थी. शाहजहांपुर पहुंचने के दौरान रास्ता भटक गया. उसी दौरान यह हादसा हो गया.
नवी मुंबई के बेलापुर इलाके में महिला अपनी कार से उलवे की ओर जा रही थी. बेलापुर के खाड़ी पुल से जाने के बजाय उस ने पुल से नीचे का रास्ता पकड़ लिया, क्योंकि गूगल मैप ने उसे रास्ता सीधा दिखाया था. इस से उस की कार सीधे रुवतारा जेट्टी से खाड़ी में गिर गई. वहां मौजूद समुद्र्री सुरक्षा पुलिस ने तुरंत सतर्कता दिखाई और महिला की जान बचा ली गई. बाद में क्रेन की मदद से कार को खाड़ी से बाहर निकाला गया.
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में गूगल मैप ने एक कार को अधूरे फ्लाईओवर के ऊपर पहुंचा दिया, जिस के कारण यह कार फ्लाईओवर से नीचे लटक गई. कार में सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए हैं. यह हादसा जिले के गोरखपुरसोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित भैया फरेंदा में निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर हुआ, जहां पर कार फ्लाईओवर पर चढ़ी, लेकिन फ्लाईओवर का काम अधूरा था.
मुरादाबाद में गूगल मैप की मदद से रास्ता तलाशने की कोशिश में कार सवार 4 लोग हादसे का शिकार हो गए. मुरादाबाद के थाना मूढापांडे क्षेत्र में कार से लोग नैनीताल से घूम कर वापस आ रहे थे. दरअसल, जब वह कार हादसे का शिकार हुई तो उस के बाद कार अंदर से लौक हो गई और जो लोग अंदर मौजूद थे वे अंदर ही फंसे रह गए. कार को सामने से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी थी. गूगल मैप के चलते वे विपरीत दिशा से आ रहे थे.


हाथरस जिले में गूगल मैप के गलत रास्ते दिखाने से एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई. मथुरा व बरेली निर्माणाधीन हाईवे पर हुई इस घटना में मैप ने गाड़ी को खराब सड़क पर मोड़ दिया. कार मिट्टी के अवरोध से टकरा कर क्षतिग्रस्त हो गई. हालांकि कार सवार सभी लोग सुरक्षित रहे थे. ड्राइवर ने बरेली से मथुरा जाते समय गूगल मैप का इस्तेमाल किया था. यह हादसा इसलिए हुआ क्योंकि निर्माणाधीन हाईवे पर कोई डायवर्जन चिह्न या रोड ब्लौकिंग की जानकारी नहीं थी.
आंख मूंद कर न करें भरोसा
गूगल मैप्स द्वारा गलत लोकेशन या अधूरा रास्ता बताने के कारण होने वाली दुर्घटनाएं कई हैं. ये पूरे देश में घट रही हैं. इस में गूगल मैप कई बार नदी, अधूरे पुल या संकरे रास्तों पर वाहन को ले कर चला जाता है, जिस से वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं. असल में ज्यादातर लोग रास्ता देखने के लिए गूगल मैप पर आंख बंद कर भरोसा कर लेते हैं. ऐसे में सावधानी बरतें.
अनजान रास्तों पर चल रहे हों तो खासकर रात में या नदीनालों के पास, लोकेशन पर रास्ते को समझ कर ही चलें. यदि सड़क बंद हो या निर्माणाधीन हो तो गूगल मैप के साथ ही साथ स्थानीय लोगों से रास्ता समझ लें. अगर बड़ी गाड़ी है तो छोटे या संकरे रास्तों का उपयोग न करें. कई बार प्रशासन की लापरवाही से चेतावनी चिह्न सही तरह से नहीं लिखे जाते हैं.
गूगल मैप्स से क्यों होती हैं गलतियां?
सब से बड़ा सवाल यह है कि गूगल मैप ऐसा अधूरा रास्ता कैसे दिखा देता है जो वाहनचालक को गलत रास्ते पर ले कर चला जाता है? इस में सारा दोष गूगल मैप का ही नहीं होता. कई बार वाहनचालकों को सही से गूगल मैप देखना नहीं आता जिस से वह भटक कर गलत रास्ते पर चले जाते हैं. इस के अलावा गूगल मैप्स और दूसरे नक्शों में टैक्निकल गलतियां हो जाती हैं.
मुख्य रूप से उपग्रह से मिले फोटो, ट्रैफिक सैंसर, कैमरा मैपिंग और वाहन चालक द्वारा प्रदान किए गए डेटा प्रमुख होते हैं. अगर इन में से किसी भी स्रोत में गलती हो या डेटा समय पर अपडेट न किया गया हो तो इस तरह की गलतियां सामने आ सकती हैं.
गूगल मैप्स के ड्राइविंग निर्देशों में ट्रैफिक डेटा अहम भूमिका निभाता है. ट्रैफिक की भीड़भाड़, दुर्घटनाओं और गति संबंधी जानकारियां यदि वास्तविक समय में अपडेट नहीं होतीं तो यह वाहनचालक के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.
ये हादसे केवल एक तकनीकी गलती का नतीजा नहीं होते, बल्कि ये सुरक्षा और डेटा प्रबंधन की बड़ी खामी को उजागर भी करते हैं. ऐसे हादसों से बचने के लिए गूगल को अपनी प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाना होगा. इस के अलावा स्थानीय प्रशासन को भी सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करना होगा. सब से बड़ी बात, खुद वाहनचालक को गूगल मैप के साथ ही साथ अपनी पड़ताल पर चलना चाहिए. Google Maps Trust Issue





