सरिता विशेष

आजकल बुजुर्गों के साथ अपराध बहुत बढ़ते जा रहे हैं. घर में अकेले रहने वाले बुजुर्ग असुरक्षित महसूस करते हैं, जिसको देखते हुए बिधाननगर पुलिस ने लोगों की सहायता के लिए एक ऐप बनाई है. ‘बिपद साथी’ नाम की इस ऐप की मदद से बुजुर्ग लोगों को जरूरत पड़ने पर जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सकेगी.

इस ऐप की मदद से बुजुर्गों के साथ बढ़ते अपराध कम किया जा सकेगा. आपको बता दें कि यह ऐप एंड्रायड और आईओएस प्लैटफार्म दोनों पर ही चलेगी. यह ऐप एक मैप के साथ खुलेगा और इसमें 3 औप्शन सामने आते हैं जैसे नियरबाई हेल्प, ट्रैक मी लाइव और रिपोर्ट अ क्राइम.

पुलिस अधिकारी के अनुसार, एक निजी कंपनी ने यह ऐप बनाने में मदद की है. इसके ‘नियरबाई हेल्प’ सेक्शन के नीचे एक SOS बटन भी है. वौल्यूम बटन को तीन बार दबाने से भी ये फीचर काम करेगा.

अधिकारी के अनुसार, इस ऐप को बिधाननगर क्षेत्र के बुजुर्गों को खासतौर पर ध्यान में रखते हुए बनाया गया है. खास बात यह है कि इस ऐप में 5 इस तरह के नंबर सेव किए जा सकते हैं, जिनसे आपातकाल स्थिती में संपर्क किया जा सके.

आपको बता दें कि SOS बटन दबाने से इन नंबरों पर टेक्स्ट मेसेज भी चला जाएगा. और साथ ही साथ बिधाननगर पुलिस कमीशन के अंतर्गत आने वाले 10 स्थानीय पुलिस स्टेशनों को भी संदेश भेजा जाएगा. इस दौरान परेशानी में फंसे लोगों तक इन स्टेशनों में से किसी से GPS से लैस गाड़ी को भेजा जाएगा.

अधिकारी ने इस ऐप के अन्य फीचर्स को बताते हुए कहा कि ‘ट्रैक मी लाइव’ औप्शन को एक्टिवेट करने पर पुलिस GPS की सहायता से इंसान तक पहुंचेगी. जरूरत पड़ने पर पुलिस पांच-दस मिनट के अंदर पहुंचेगी.

इस ऐप के ‘रिपोर्ट अ क्राइम’ की मदद से अपराध को रिकार्ड कर अपलोड किया जाएगा. उसे देखकर पुलिस जरूरी कार्रवाई करेगी. सबसे खास बात ये है कि इसकी मदद से फायर स्टेशन्स से सहायता भी ली जा सकती है.