सरिता विशेष

अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ के अंदर जब बिहार का एक नौजवान गायक बनवारी लाल यादव दीवार फांद कर उन से मिलने इसलिए घुसा कि वह अमिताभ बच्चन के लिए भोजपुरी गीत गाना चाहता था, तो सिक्योरिटी वालों के होश उड़ गए. आननफानन पुलिस को फोन किया गया और उसे गिरफ्तार कर पुलिस लौकअप में रखा गया. हालांकि अमिताभ बच्चन उस नौजवान गायक को ज्यादा सजा नहीं देना चाहते थे, पर बाद में कोई इसे न दोहराए, इसलिए सुरक्षा के नजरिए से ऐसा करना पड़ा. ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. इस से पहले भी नामी हस्तियों के कई फैन इस तरह की हरकतें करते आए हैं. बौलीवुड के तमाम कलाकारों को इस का सामना करना पड़ता है. कई बार तो कुछ कलाकार ऐसी बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते. कई बार उन्हें गुस्सा भी आ जाता है. एक फैन की अपने पसंदीदा फिल्मी सितारे पर बनी फिल्म ‘फैन’ भी इस का सुबूत है.

गायिका लता मंगेशकर एक बार एक सम्मेलन में आई थीं. उस से पहले जब वे होटल में ठहरी थीं, तो एक फैन सुबह से उन से मिलने की कोशिश में होटल के नीचे उन का इंतजार कर रहा था. लता मंगेशकर को जब यह बात पता चली, तो वे खुद नीचे उतर कर उस से मिलने आ गईं. उन का कहना था कि आज वे जहां पर हैं, उस की वजह उन के फैन हैं, इसलिए उन की कद्र करना उन का फर्ज है. शाहरुख खान ने अपने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि जब उन की पीठ की सर्जरी अमेरिका में हो रही थी, तो एक अफ्रीकन औरत बारबार उन्हें ऐसा करने से मना कर रही थी, क्योंकि उस ने सपने में उसे टेबल पर औपरेशन के दौरान मरते हुए देखा है. यह बात वह फैन बारबार फोन से मैसेज कर कह रही थी.

पहले तो शाहरुख खान ने ध्यान नहीं दिया, पर जब फौर्म पर दस्तखत करने की बात आई, तो थोड़ी देर के लिए उन के हाथ कांप उठे थे कि कहीं उस औरत की कही बात सच न हो. अभय देओल बताते हैं कि फैंस की जरूरत हर कलाकार को होती है, जो बिना किसी शर्त के उन के काम की तारीफ करते हैं. उन की इज्जत हमेशा हर कलाकार को करनी चाहिए. एक बार एक मौल में एक लड़की अभय देओल को देख कर कांपने लगी, तो वे डर गए कि इसे हुआ क्या है. उन्होंने धीरेधीरे उसे नौर्मल किया. जैकलीन फर्नांडीस कहती हैं, ‘‘मैं अपने फैंस को हमेशा थैंक्स कहती हूं. उन्होंने हर वक्त मेरा साथ दिया. मेरी फिल्में चलें या न चलें, वे हमेशा मुझे देखते हैं. ‘‘एक फैन ने तो इतना कहा था कि वह मेरी फिल्म को ही बारबार देखता है और अपनेआप को उस फिल्म का हीरो समझता है.’’

यह बात सही है कि बीते जमाने में केवल कुछ बड़े कलाकार ही सिक्योरिटी रखते थे. तब लोग उन के पास ज्यादा नहीं आ पाते थे. प्रचार करने का तरीका अलग था. वे एक आटोग्राफ से ही खुश हो जाते थे. अब तो सभी को सिक्योरिटी रखनी पड़ती है. इस की वजह सोशल मीडिया का असरदार होना है. अब पब्लिसिटी के तरीके भी बदल गए हैं. लोगों के बीच में कलाकार खूब जाते हैं, जिस से फैंस को उन से मिलने का मौका मिल जाता है. स्मार्टफोन से फोटो खींचने का चलन का होना भी आज की समस्या है. इस का असर कलाकारों पर पड़ता है. सुष्मिता सेन कहती हैं कि एक फैन उन्हें बारबार महंगे सामान भेजता था. हद तो तब हुई, जब उस ने उन्हें शादी के लिए प्रपोज किया और दुलहन का लिबास भेज दिया. उसे स्वीकार न करने पर मार डालने की धमकी दी. ऐसा देख कर सुष्मिता सेन ने पुलिस का सहारा लिया.

एक बार एक फैन ने रितिक रोशन के करीब आ कर इतनी जोर से उन की गरदन पकड़ ली कि उन के बाउंसर ने बड़ी मुश्किल से छुड़ाया. वह रितिक से गले मिलना चाहता था. जौन अब्राहम कहते हैं, ‘‘एक फैन मुझ से मिलने की इच्छा रखता था. जब मैं ने मना किया, तो वह मेरे मातापिता को काल करने लगा. मजबूर हो कर मैं ने पुलिस को इस की सूचना दी.’’ साल 2010 में कंगना राणावत का एक फैन भूख हड़ताल पर इसलिए बैठ गया, क्योंकि उस ने एक चिट्ठी लिखी थी, जिसे कंगना को पढ़ना था. कंगना ने चिट्ठी ली और वह आदमी वहां से चला गया. जरीन खान कहती हैं, ‘‘फैंस का होना जरूरी है, पर आजकल के फैंस इतने ज्यादा उग्र स्वभाव के हो चुके हैं, इसलिए मुझे सिक्योरिटी रखनी पड़ती है.’’

जिम्मी शेरगिल कहते हैं कि फैंस जरूरी हैं, लेकिन उन्हें एक सीमा में रहना चाहिए. अगर वे ऐसा नहीं करते, तो उन की सोच सही नहीं है. इस सिलसिले में मनोवैज्ञानिक संजय मुखर्जी कहते हैं कि फैंस का होना अच्छा है और हर कोई किसी कलाकार, लेखक, पेंटर वगैरह का फैन होता है. यह आम बात है, लेकिन क्रेजी होना ठीक नहीं.