सरिता विशेष

‘अक्स’,‘रंग दे बसंती’, ‘दिल्ली 6’ और ‘‘भाग मिल्खा भाग’’ जैसी फिल्मों के सर्जक राकेश ओम प्रकाश मेहरा का दावा है कि उनके पास कई मौलिक कहानियां  हैं, जिन पर वह फिल्में बनाना चाहते हैं. मगर कई कहानियों का नंबर आ ही नहीं पा रहा है.

मसलन वह पिछले 27 वर्षों से शरत चंद्र के उपन्यास ‘‘देवदास’’ पर भी फिल्म बनाना चाहते हैं. राकेश ओमप्रकाश मेहरा का दावा है कि वह एक दिन ‘देवदास’ पर अपनी सोच के अनुसार फिल्म जरुर बनाएंगे.

इतना ही नहीं वह मानते हैं कि हम भारतीय फिल्मकारों को हौलीवुड फिल्मों का मुकाबला करने के लिए भारतीय कथानक पर आधारित मौलिक व बेहतरीन फिल्में बनानी होंगी. तो दूसरी तरफ वह एक डैनिश यानी कि विदेशी फिल्म ‘‘एवरी बडी इज फेमस’’ का हिंदी रीमेक बना रहे हैं. आखिर यह विरोधाभास क्यों?

राकेश ओमप्रकाश मेहरा के इस कृत्य पर पूरा बौलीवुड आश्चर्यचकित है. हाल ही में जब राकेश ओम प्रकाश मेहरा से हमारी मुलाकात हुई, तो हमने उनसे इसी बाबत सवाल किया. तब‘‘सरिता’’ पत्रिका के साथ एक्सक्लूसिब बात करते हुए राकेश ओम प्रकाश मेहरा ने कहा- ‘‘पहली बात तो मैं स्पष्ट कर दूं कि हम जो फिल्म बना रहे हैं, वह रीमेक नहीं है. वह डैनिश फिल्म ‘एवरीबडी इज फेमश’ का एडॉप्टेशन है. इसका भारतीयकरण है. इसकी वजह यह है कि इस फिल्म की कहानी बड़ी सुंदर है. बाप बेटी की कहानी है. इस फिल्म को देखकर आपको भारतीय कहानी ही नजर आएगी.

हम इस फिल्म को अनिल कपूर के साथ बना रहे हैं. तीन चार दिन की शूटिंग कर ली है. उनका सीरियल ‘24’ का दूसरा सीजन खत्म होने के बाद आगे की शूटिंग करेंगे. हॉलीवुड ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व की कहानी है. मसलन,आप प्रेमचंद की किसी कहानी पर फिल्म बनाएं.’’

राकेश ओम प्रकाश मेहरा ने आगे कहा- ‘‘मैं इस फिल्म का सिर्फ निर्माता हूं. इसकी कहानी अतुल की है, जो कि इसका निर्देशन कर रहे हैं. रोमियो जूलिएट भी विदेशी कहानी है. इसकी कहानी इटली की है. पर इसी पर अमरीका पर फिल्म ‘टाइटैनिक’ बनी. मेरे कहने का अर्थ यह है कि अतुल नकल नहीं कर रहा है. कल को मैं ‘हेलन ऑफ प्राइट’ से प्रभावित होकर फिल्म बनाउं. हॉलीवुड की मशहूर फिल्म या किसी कहानी से इंस्पायर होकर फिल्म बनाना अलग बात है. मगर किसी फिल्म या कहानी की नकल करना अलग बात है.

बड़े बड़े भारतीय लेखकों से प्रभावित होकर दूसरे भारतीय लेखकों ने महाकाव्य लिखे हैं. हमारे ‘महाभारत’ से प्रभावित होकर विदेशों में ‘ओड़ीसी’ लिखा गया. ग्रीक मैथोलॉजी आप पढे़ंगे, तो आपको अहसास होगा कि आप ‘महाभारत’ पढ़ रहे हैं.

हमारे ‘महाभारत’ में द्रौपदी है, वहां हेलन टॉय हैं. अब आपने कोरियन फिल्म उठायी और उसको ज्यों का त्यों बना दिया. यह नकल होती हैं. जो कि गलत है. पर किसी फिल्म के कथानक का मूल अंश लेकर नए सिरे से कहानी गढ़कर अपने वीजन के आधार पर फिल्म बनायी, तो वह नकल नहीं, गलत नहीं है.’’

राकेश ओम प्रकाश मेहरा ने ‘‘सरिता’’ पत्रिका से बात करते हुए दावा किया कि उन्होने तो डैनिश फिल्म के कथानक की आत्मा को लेकर नए सिरे से कहानी लिखवायी है. खुद राकेश ओम प्रकाश मेहरा ने ‘‘सरिता’’ पत्रिका से कहा- ‘‘फिल्म ‘एवरी बडी इज फेमस’ की कहानी का जो मूल है, वह बाप बेटी की कहानी है, उसे ही उठाया है. बेटी 17-18 साल की है. उसका पिता संगीतकार बनना चाहता था, जो बन नहीं पाया. अब वह अपना सपना अपनी बेटी के द्वारा पूरा करना चाहता है. पर बेटी की रूचि उस तरह के संगीत में नहीं है. बेटी आज के जमाने की है. उसकी रूचि किसी अन्य तरह के संगीत में है. यही बाप बेटी के बीच टकराव है.

आप अपने आस पास देखें, तो पाएंगे कि आज की तारीख में युवा पीढ़ी पश्चिमी संगीत से बहुत प्रभावित है. तो सवाल है कि यह युवा लड़की उस संगीत से जुड़ेगी या नहीं जुड़ेगी.पिता का अलग तरह के संगीत से जुड़ाव है. तो मुझे बहुत प्यारी कहानी लगी. इसलिए हमने हरी झंडी दी. हम लोग रोमियो जूलिएट पर भी फिल्म बना सकते हैं.’’