सरिता विशेष

गौरंग दोषी अदालत या कानून को मानते ही नहीं. गौरंग दोषी संग अमिताभ बच्चन, अनीस बज़मी व अनिल कपूर भी फंसे हैं. गौरंग दोषी और विवादों का तो चोली दामन का साथ है. पर एक अंग्रेजी दैनिक के अनुसार इस बार गौरंग दोषी ने खुलेआम अदालत से पंगा ले लिया है. इसकी मूल वजह फिल्म ‘आंखें’ का सिक्वअल है. बहरहाल, ‘राजतरु स्टूडियो’ के राजवीर राजतरु के अनुसार अब गौरंग दोषी पर ‘अदालत के आदेश की अवहेलना’ का आरोप लग चुका है. यह आरोप पूरी तरह से गौरंग दोषी की जिद का परिणाम है.

राजतरु स्टूडियो के राजवीर राजतरु की माने तो वास्तव में 2002 में गौरंग दोषी ने फिल्म ‘आंखें’ का निर्माण किया था, जिसका निर्देशन विपुल अमृतलाल शाह ने किया था. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, परेश रावल, सुष्मिता सेन व अन्य कलाकारों ने अभिनय किया था. 2013 में राजतरु स्टूडियो के राजीव राजतरु ने 2013 में गौरंग दोषी से फिल्म आंखे का सिक्वअल बनाने के अधिकार खरीदें. इस फिल्म को विपुल अमृतलाल शाह ही निर्देशित करने वाले थे. पर फिल्म का निर्माण शुरू नहीं हो पाया. पटकथा वगैरह तैयार होने के बाद 2015 में जब राजतरु स्टूडियो ने आंखे के सिक्वअल आंखे 2 पर काम शुरू किया, तो पता चला कि गौरंग दोषी ने भी आंखे 2 पर काम शुरू कर दिया.

गौरंग दोषी को आंखे 2 बनाने से रोकने के लिए राजतरु स्टूडियो ने 4 अगस्त 2016 को अदालत का दरवाजा खटखटाया. तब 9 अगस्त 2016 को गौरंग दोषी के वकील ने अदालत को सूचित किया कि गौरंग दोषी आंखे 2 को लेकर कोई काम नहीं कर रहे हैं. गौरंग दोषी के वकील ने दावा किया कि गौरंग ऐसी कोई फिल्म नहीं बना रहे हैं. गौरंग दोषी ने अदालत को लिखित दिया कि वह फिल्म नहीं बना रहे हैं. पर 17 अगस्त 2016 को गौरंग दोषी ने निर्देशक अनीस बज़मी, अमिताभ बच्चन,अनिल कपूर व अन्य कलाकारों की मौजूदगी में मुंबई के सरकारी स्टूडियो फिल्म सिटी में फिल्म का शानदार मुहूर्त किया. जिसकी तस्वीरे अखबारों में छपने के अलावा न्यूज चैनलों पर वीडियो प्रसारित हो चुके थे. यह अदालत के आदेश की अवहेलना थी.

राजवीर राजपूत ने कहा, ‘इस मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त 2016 को हुई. इस सुनवाई के दौरान अदालत ने गौरंग दोषी को आदेश दिया कि वह अपनी फिल्म का प्रमोशन नहीं करेंगे. फिल्म से संबंधित कोई जानकारी या फोटो वगैरह मीडिया में नहीं देंगे. लेकिन गौरंग दोषी ने अदालत के इस आदेश की परवाह किए बगैर 23 अगस्त को फिल्म का पोस्टर लॉन्च किया. दो पत्रिकाओें में फिल्म का विज्ञापन छपवाया. अपने प्रचारक से कहकर गौरंग दोषी ने अपने मुंबई के खार स्थित आफिस में मीडिया को बुलाकर खुद व अभिनेता अर्जुन रामपाल ने फिल्म आंखे 2 को लेकर लंबी बात की. जिस पत्रकार ने आंखे 2 के अलावा दूसरे सवाल किए, उन पत्रकारों को इंटरव्यू नहीं दिया गया.’

राजवीर राजतरु के अनुसार मुंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एस जे काठावाला ने पाया कि गौरंग दोषी बार बार अदालत के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं. वह अदालत को बार बार गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं. मजेदार बात यह है कि गौरंग दोषी ने एक माह के अंदर अपने चार वकील बदले. 22 अगस्त को सुनवायी के दौरान गौरंग दोषी की तरफ से नया वकील हाजिर हुआ था. अब इस मामले में अगली सुनवायी 14 सितंबर को होनी है.

इस बीच राजवीर राजतरु का दावा है कि यदि गौरंग दोषी की तरफ से आंखे 2 पर काम बंद नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ अदालत गिरफ्तारी का वारंट जारी कर सकती है. इतना ही नही राजतरु स्टूडियो की तरफ से इस सिलसिले में निर्देशक अनीस बज़मी, अभिनेता अमिताभ बच्चन व अनिल कपूर को भी नोटिस भिजवायी गई है.

मामला अदालत में होने के नाम पर गौरंग दोषी इस मसले पर कुछ कहना नहीं चाहते. मगर अंग्रेजी अखबार में इस खबर के छपने के बाद फिल्म आंखे 2 का निर्माण कर रहे गौंरग दोषी ने अपने प्रचारक के माध्यम से पत्रकारों को ईमेल भिजवाकर सफाई दी है. गौरंग दोषी के प्रचारक ने ईमेल मे लिखा है कि वह गौरंग दोषी और फिल्म आंखे 2 के कानूनी सलाहकार का बयान भेज रहे हैं. मगर ईमेल या बयान में कहीं भी कानूनी सलाहकार यानी कि वकील के नाम का जिक्र नही है.

इस ईमेल जो बयान है, वह इस प्रकार हैः

‘राजतरु स्टूडियो की तरफ से जो गलत व भ्रामक बातें छपवायी गयी हैं, उस पर अपने क्लाइंट की तरफ से स्पष्टीकरण देना जरुरी है. पहली बात तो मेरे क्लाइंट के खिलाफ अदालत की अवमानना का कोइ मसला नही है. सम्माननीय जज ने कारण बताओ नोटिस जारी की है, जिसका जवाब हमारे क्लाइंट देने वाले हैं. दूसरी बात मेरी जानकारी के अनुसार निर्देशक या कलाकारों को कोई नोटिस नहीं भेजी गयी है. यह कहना कि हमारे क्लाइंट के वकील चिराग मोदी ने 9 अगस्त को अदालत से कहा था कि हमारे क्लाइंट आंखे 2 पर काम नहीं कर रहे हैं, यह भी गलत है. राजतरु स्टूडियो को अच्छी तरह से पता है कि हमारे क्लाइंट ने आंखे 2 के निर्माण के अधिकार ‘ईरोज इंटरनेशनल प्रा. लिमिटेड’ से खरीदे हैं, जिनके पास भारत सहित परे विश्व मे इस फिल्म का नाम, मीडिया इंटलेक्च्युलअल प्रापर्टी, कॉपीराइट सहित सभी अधिकार हैं.

यह कहना भी गलत है कि यद आंखे 2 पर हमारे क्लाइंट ने काम बंद नहीं किया, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट निकल जाएगा. हकीकत में यह राजवीर राजतरु हैं, जो कि मामला अदालत में होने पर भी मीडिया में गलत बातें प्रचारित कर जज महोदय को भ्रमित कर न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने का अपराध कर रहे हैं. इस तरह तो राजवीर पर ‘अदालत की अवमानना’ का मसला बनता है. हमारे क्लाइंट अदालत के समक्ष राजवीर के खिलाफ ‘अदालत की अवमानना’ का मसला उठाएंगे. इसके अलावा हमारे क्लाइंट राजतरु स्टूडियो के राजवीर के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी करने वाले हैं.’

राजतरु स्टूडियो और गौरंग दोषी दोनो अपनी अपनी बातें कह रहे हैं. अब यह अदालत ही तय कर सकती है कि सच क्या है?