बहुत जल्द पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अब पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रों को व्याख्यान देते नजर आएंगे. यहां से उन्होंने 1954 में अर्थशास्त्र से एमए की डिगरी ली थी और 3 साल बाद ही यहीं वरिष्ठ व्याख्याता बन गए थे. पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइसचांसलर अरुण कुमार ग्रोवर ने मनमोहन सिंह को पढ़ाने का प्रस्ताव दिया तो वे सहर्ष तैयार हो गए.

पढ़ाना एक नेक काम है जिसे अब कभीकभी सीधे चंडीगढ़ जा कर तो कभीकभी वीडियो कौन्फ्रैंसिंग के जरिए मनमोहन सिंह करेंगे. इस से उन पर न बोलने का लगा ठप्पा भी हट जाएगा और वे अपने मन की बात भी छात्रों के साथ साझा कर पाएंगे. ऐसे में पूर्व अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री का यह फैसला स्वागतयोग्य है.