साइकिल समाजवादी पार्टी का चुनाव निशान है. विधानसभा चुनावों करीब आता देख पार्टी ने सभी नेताओं खासकर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियो, विधायकों और सांसदों को अपने अपने क्षेत्र में साइकिल यात्रा निकालने के लिये कहा है. 1 मई से 10 मई के बीच चलने वाली इस यात्रा का उददेश्य है कि प्रदेश सरकार ने 4 सालों में जो काम किये है वह जनता के बीच पहंुचाये जा सके.साइकिल यात्रा के पहले 5 दिनों में वह उत्साह मंत्रियों और विधायको में दिखाई नहीं दिया जिसकी उम्मीद समाजवादी पार्टी के नेता कर रहे थे.साइकिल यात्रा के प्रति मंत्रियों और विधायकों में जोश भरने के लिये पार्टी के प्रभारी और कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने जसवंतनगर के गावों मंे साइकिल चलाई.

लखनऊ में सपा नेता अपर्णा यादव, श्वेता सिंह, रंजना वाजपेई, अमेठी में सपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमरेन्द्र, वाराणसी में हाजी अब्दुल अंसारी जैसे बहुत सारे लोगों ने साइकिल यात्रा की.सबसे परेशान करने वाली बात यह रही कि प्रदेश सरकार के मंत्री और विधायक इस यात्रा में बहुत उत्साह पूर्वक हिस्सा नहीं ले रहे है.

साइकिल यात्रा में दिखने वाली भीड उन नेताओं की ज्यादा है जो पहली बार विधानसभा चुनाव लडने की तैयारी कर रहे है. मंत्री और विधायको में से कुछ तो साइकिल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर अपना काम पूरा समझ ले रहे है.पार्टी प्रवक्ता दीपक मिश्रा ने बताया ‘अभी यात्रा की शुरूआत है.सभी छोटे बडे नेतामंत्री इसमें हिस्सा लेगे.कई लोगों की जानकारियां मीडिया तक नहीं पहंुच पा रही है.साइकिल यात्रा जब खत्म होगी और इसकी समीक्षा होगी तब इसके बारे में आकलन हो सकता है.’ यह बात सही है कि समाजवादी पार्टी को साइकिल यात्रा से बडी उम्मीद है.वह जनता तक अपने काम को पहंुचाना चाहती है.पार्टी ने गांव, गरीब, किसान सभी को लेकर अच्छे काम किये है.गांव के लेवल पर इसका सही तरह से प्रचार नहीं हो सका है.सरकार के कामों के प्रचार की चमक केवल शहरी इलाको तक सीमित रह गई है.सरकार के प्रचार अभियान में भी केवल शहरी चमकदमक ही दिखाई दे रही है.

पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव कार्यकर्ताओं से बारबार कह चुके है कि वह सरकारी योजनाओं के प्रचार का काम करे.गांवगांव घरघर सरकार की सफल योजनाओं की चर्चा करे.भंयकर गर्मी और लू की थपेडों के बीच पार्टी ने साइकिल यात्रा का आयोजन कर नेताओं और कार्यकर्ताओं को जगाने का काम किया. जिससे वह जग जाये और अपनेअपने चुनाव क्षेत्रों में जनता के बीच जाये.बूथ लेवल तक संगठन को गति देने का काम करेे.4 साल सत्ता की आरामगाह में रहे मंत्रियों और विधायको के लिये इस गर्मी में साइकिल यात्रा करना कठिन काम है.मंत्री और विधायको को साइकिल यात्रा के नाम पर ही पसीना छूट रहा है.कई विधायक तो सुबह के समय साइकिल यात्रा शुरू कराकर धूप होने के पहले यात्रा छोडकर चले जाते है.उनके समर्थक यात्रा को पूरा करते रहते है.चुनावी साल होने के कारण विधायको और मंत्रियों को जैसेतैसे करके साइकिल यात्रा में शामिल होना पड रहा है.साइकिल यात्रा ने विधायको और मंत्रियो का पसीना छुडा दिया है.धूप अैर गरमी के कारण कार्यकर्ताओं की भीड भी बहुत देखने को नहीं मिल रही है.