फिल्म ‘‘बलवान’’ से एक्शन हीरो के ही रूप में अभिनय करियर की शुरुआत करने वाले सुनील शेट्टी तीन साल की खामोशी के बाद अब पुनः अभिनय के मैदान में उतर चुके हैं. इतना ही नहीं अब वह नई प्रतिभाओं के लिए कास्टिंग निर्देशक मुकेश छाबड़ा के साथ एक वेबसाइट ‘‘एफ दी काउच’’ शुरू कर चुके हैं.

कास्टिंग एजेंसी वाली वेबसाइट ‘‘एफ द काउच’’ की बात आपके दिमाग में किसी घटना के कारण आयी?

– मुंबई से सैकड़ों किलोमीटर दूर रह रहे बच्चे फिल्म नगरी में अपने सपने लेकर आते हैं, तो उनका कई तरह से शोषण होता है. इन्हे पता ही नहीं होता है कि वह कहां और क्यों जा रहे हैं. इन्हे यह भी पता नहीं होता कि वास्तव में कहां पर किस तरह के किरदार के लिए ऑडीशन हो रहे हैं. ऐसी ही प्रतिभाओं के लिए हमने काफी सोचविचार कर एक प्लेटफार्म तैयार किया है. यह ऐसा प्लेटफार्म है, जहां हम पूरे देश की प्रतिभाओं को एक जगह ला रहे हैं और निर्माता इन प्रतिभाओं को देख व समझ सकता है. तथा हमारे प्लेटफार्म पर प्रतिभाओं का काम मौजूद होता है, जिससे हर बच्चे को अपने टैलेंट का पता होता है. हम निर्माता की जरुरत को भी इस प्लेटफार्म पर पेश कर रहे हैं, जिसे देखकर बच्चे को पता चलेगा कि इस निर्माता को इस तरह के किरदार के लिए इस तरह की प्रतिभा की तलाश है, जिस बच्चे में वह प्रतिभा होगी, वह उसका एक वीडियो बनाकर इस प्लेटफार्म पर डाल देगा और वह निर्माता तक पहुंच जाएगा. इसके लिए उसे सब कुछ छोड़ भागकर मुंबई में दर दर की ठोकरे खाने की जरुरत नहीं है.

आपका मूल मकसद क्या है?

– मुंबई से दूर दराज छोटे शहरों या कस्बों में रह रहे जो बच्चे सोचते हैं कि पढ़ाई छोड़कर मां बाप को बिना बताए भागकर मुंबई चला जाता हूं, उन्हे हम अपनी इस एजेंसी के माध्यम से एक नई राह दिखाना चाहते हैं. हम उन्हें बताना चाहते हैं कि सब कुछ छोड़कर मुंबई आने की जरुरत नहीं है. यह ऐसा प्लेटफार्म है, जहां बच्चे अपना पोर्टफोलियो, अपना वीडियो वगैरह पोस्ट कर सकते हैं. यहां उन्हें इस बात की भी जानकारी मिलती रहती है कि कहां किस तरह की प्रतिभा की जरुरत है. हमारी अपनी टीम है, जो कि इन प्रतिभाओं का आकलन कर निर्माता की मांग के अनुरूप पांच प्रतिभाओं का चयन कर उन्हे आडीशन के लिए बुलाते हैं. हम बच्चों से कुछ नही चाहते हैं. आप हमारे इस प्लेटफार्म को प्रतिभाओं के मिलन की जगह मान सकते हैं. इसी तरह हम पूरे विश्व की लोकेशन की भी जानकारी इस प्लेटफार्म पर दे रहे हैं, तो निर्माता को एक ही प्लेटफार्म पर प्रतिभाओं के साथ साथ लोकेशन भी मिल जाती है. इस प्लेटफार्म पर कलाकार ही नहीं बल्कि कैमरामैन, सहायक निर्देशक, लेखक, संवाद लेखक, आर्ट डायरेक्टर से लेकर जानवरों से संबंधित जानकारी हम मुहैय्या कर रहे हैं. यानी कि हर तरह की प्रतिभाओं के साथ साथ हर तरह के फिल्मकार की हर जरुरत का हम ख्याल रख रहे हैं.

मसलन..?

– वेडिंग प्लानर हैं. शहरों में भी वेडिंग प्लानर हो सकते हैं. छोटे शहरों में वेडिंग प्लानर की जरुरत हो सकती है, तो आप जहां हैं, वहीं से अपनी प्रतिभा को इस साइट पर पोस्ट कर दें, और अपको आपके आसपास के क्षेत्र में ही काम मिल सकता है. तो हमारा यह प्लेटफार्म हर तरह की सेवाएं दे रहा है. मैं चाहता हूं लोग जहां बैठे हैं, वहीं से उनका सपना पूरा हो सके. हम लोगों के पैशन को उनका प्रोफेशन बनवा रहे हैं.

क्या आपके करियर के शुरुआती दिनों के संघर्ष याद आने पर आपने इस तरह का प्लेटफार्म शुरू करने के बारे में सोचा?

– मैं लक्की था. मुझे ज्यादा संघर्ष नहीं करना पड़ा. पर तब से मैंने बहुत लोगों को संघर्ष करते, निराश होते हुए देखा. इसलिए मुझे लगा कि एक विशाल मकसद के साथ इस तरह का प्लेटफार्म शुरू किया जाना चाहिए. मुझे लगा कि यह एक मौका है, कुछ कर दिखाने व करने का. हमारे इस प्लेटफार्म की खूबी यह है कि मुझे कुछ हास्य के सीन चाहिए, मैने कुछ सिच्युएशन दे दी और टास्क दे दिया कि इस सिच्युएशन को फिल्माकर वीडियो भेजें. लोग बनाकर भेज देंगे. मसलन-मैने संता बंता के जोक्स पर फिल्म मांगी. तो कई वीडियो आ गए. हम इनमें से कुछ बेहतरीन वीडियो को एडिट कर उसमें संगीत वगैरह डालकर कंटेट की जरुरत रखने वालों को बेचेंगे. कंटेंट बिका, तो हम उस इंसान को अपना भागीदार बना लेंगे, वह घर बैठे कमाएगा.

हम अपनी इस वेबसाइट पर तमाम कंटेट डालते रहते हैं. मसलन अभी हमने लोगो को चुनौती दी है कि वह तीन मिनट की एक बहुत ज्यादा डरावनी फिल्म बना कर भेजें. अब लोगों की जो फिल्में आएंगी, उनमें से जो काफी अच्छी होगी, उन्हे तकनीकी स्तर पर विकसित कर कंटेंट की इच्छा रखने वालों के सामने पेश कर देंगे. इस तरह हमारा यह प्लेटफार्म कंटेंट को पैदा करने वाला, कंटेट मुहैया करने वाला व प्रतिभाओं के लिए पैसा मुहैया करने वाला भी साबित होगा. आखिर हमारे इस प्लेटफार्म से कलाकार, निर्देशक, कैमरामैन, संगीतकार, लेखक, तकनीशियन सभी जुड़ रहे हैं. हम एक नया स्टूडियो विकसित कर रहे हैं, जिसके लिए हमें कला निर्देशक की जरूरत थी. हमने इसकी जानकारी इस वेबसाइट पर दी. हमारे पास 22 कला निर्देशकों का ब्यौरा आ गया. मैंने 6-7 लोगों को बुलाया है. उनसे काम कराकर देखेंगे. यदि मैं यह कहूं कि हमारा यह प्लेटफार्म कलाकारों का, कलाकारों द्वारा, कलाकारों के लिए है, तो गलत नहीं होगा.

शुल्क क्या ले रहे हैं?

– हमारी वेबसाइट पर किसी एक विभाग में काम करने के लिए आप मुफ्त में अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. एक से ज्यादा विभागों के लिए रजिस्ट्रेशन करवाएंगे, तो मामूली शुल्क देकर सदस्यता लेनी पड़ती है. आप अपना पोर्टफोलियो हमारी साइट पर डाल सकते हैं. इससे आपको अपना पोर्टफोलियो लेकर घूमने की जरूरत नहीं है. बहुत कम  समय में पांच हजार लोग हमारे साथ जुड़ चुके हैं. इनमें से दो लोगों को बतौर निर्देशक हमने काम दिया है. 6-7 लोगों को कलाकार के तौर पर काम मिल गया है. हमारे साथ मुकेश छाबड़ा जुड़े हुए हैं, जो कि फिल्मों के लिए कलाकारों का चयन करते हैं. तो वह हमारी वेबसाइट से जुड़ी प्रतिभाओं को महत्व दे रहे हैं.

चर्चा है कि जब मुकेश छाबड़ा अपनी कास्टिंग एजेंसी शुरू कर रहे थे, तो आपने उनकी मदद की थी?

– मुकेश अपना काम कर रहे थे, उन्हें आफिस वगैरह की जरूरत थी, तो मैंने उसमें उनकी मदद कर दी थी. फिल्म ‘‘हीरो’’ के समय उसने मेरी बेटी आथिया की ‘वर्कशॉप’’ में काफी मदद की. अब मैंने मुकेश को अपने साथ जोड़ा. उससे कहा कि पूरा इंस्फ्रास्ट्क्चर तैयार हो गया है. अब तू जो करना चाहे करे.

आपकी बेटी आथिया का करियर आगे नहीं बढ़ पा रहा है?

– वह पीआर की गलती के चलते गलत प्रचार का शिकार हो गयी. मगर आथिया हिम्मत हारने वालों मे से नहीं है. उसका आत्मविश्वास काफी जबरदस्त है. उसने अनीस बज़मी की फिल्म ‘मुबारका’ अनुबंधित की है. दो अन्य फिल्मों की चर्चा चल रही है.

अब तो आपका बेटा भी अभिनय में कदम रखने वाला है?

– जी हां! मेरे बेटे अहान शेट्टी को साजिद नाड़ियादवाला अपनी फिल्म में ब्रेक देने वाले हैं. फिलहाल वह ट्रेनिंग लेने विदेश गया है.

आप पुनः अभिनय में व्यस्त हो गए हैं?

– यह लोगों का प्यार है. इस वक्त मेरे पास ‘‘बैंग बैंग 2’’ सहित तीन फिल्में हैं.

पर आपने ‘‘सरकार 3’’ करने से मना कर दिया?

– मुझे किरदार पसंद नही आया. देखिए, मैं कला को भूला नहीं. अब हर फिल्म में अपनी उम्र के हिसाब से ही किरदार निभा रहा हूं.