मैं 26 वर्षीय विवाहिता हूं. विवाह को 7 वर्ष हो चुके हैं. मेरी और मेरे पति की उम्र में 7 वर्ष का अंतर है. उन की सैक्स के प्रति रुचि कम रहती है और वे चाहते हैं कि सैक्स में मैं ही पहल करूं, जो मैं करती भी हूं. मैं जानना चाहती हूं कि क्या हमारी उम्र में रोज सैक्स कर सकते हैं. इस के अलावा मेरी एक समस्या यह भी है कि मेरे पति मुझ से अपना मोबाइल फोन शेयर नहीं करते. मुझे डर है कि कहीं उन का कोई अफेयर तो नहीं चल रहा? मैं असमंजस में हूं.

पहली बात आप की और पति की उम्र में 7 वर्ष का अंतर कोई माने नहीं रखता. यह सामान्य बात है. कई सफल विवाहित जोड़ों में तो इस से भी अधिक आयु का अंतर रहता है. यह आप का मात्र वहम है कि उम्र का अंतर उन की सैक्स के प्रति अरुचि का कारण है और अगर वे चाहते हैं कि सैक्स में आप पहल करें तो इस में भी कोई बुराई नहीं है. यह अच्छी बात है कि आप पहल करती हैं. सैक्स कितनी बार करें, इस बात का भी उम्र से कोई लेनादेना नहीं है. जहां तक पति द्वारा आप से मोबाइल शेयर न करने की बात है, आप बेवजह बातों को बढ़ा रही हैं. पतिपत्नी के बीच नजदीकी के साथ स्पेस यानी दूरी भी जरूरी है. आप क्या उन के फोन से उन की जासूसी करना चाहती हैं? अपने मन से बेवजह का शक निकाल दीजिए और पति पर विश्वास कीजिए.

मैं 21 वर्षीय युवती हूं. घर की आर्थिक परिस्थितियों के कारण मैं ने नौकरी करनी प्रारंभ कर दी. वहां एक लड़के से मेरी अच्छी दोस्ती हो गई. उसी दौरान किसी बात पर मेरे परिवार में झगड़ा हुआ और मैं ने नीद की गोलियां खा लीं. जब मेरे दोस्त को इस बात का पता चला तो उस ने मेरी मां से हमारी शादी के बारे में बात कर ली. और पिछले 3 सालों से हम पतिपत्नी की तरह रह रहे हैं पर पिछले कुछ दिनों से वह बदल गया है. मुझ पर शक करने लगा है, लड़ाईझगड़ा करता है. मुझे समझ नहीं आ रहा, मैं क्या करूं? सब घर वालों की मरजी से हुआ.

आप के दोस्त ने आप की मां से आप दोनों के विवाह की बात की तो फिर विवाह क्यों नहीं किया? बिना विवाह किए आप दोनों का एकसाथ पतिपत्नी की तरह रहना आप की सब से बड़ी गलती है. समाज में अमान्य ऐसे रिश्तों का यही अंत होता है. क्या आप ने यह कभी जानने की कोशिश नहीं की कि आप के दोस्त का आप के प्रति व्यवहार के बदलने के पीछे क्या कारण है? हो सकता है उस ने आप की परिस्थितियों का फायदा उठाया हो और अब वह आप से छुटकारा पाना चाहता हो. यह आप की गलतफहमी है कि सब घर वालों की मरजी से हुआ. आप की इस दशा के लिए आप के घर वाले जिम्मेदार नहीं हैं. बिना विवाह के रहने का निर्णय आप दोनों का था. अब आप व्यर्थ ही घर वालों को दोषी ठहरा रही हैं. वर्तमान स्थिति में आप अपने दोस्त से खुल कर बात करें कि वह चाहता क्या है तभी साथ रहने या अलग होने का निर्णय लें.

मैं 20 वर्षीय अविवाहित हूं और अपनी ही कंपनी में नौकरी करने वाली एक युवती से प्यार करता हूं. वह भी मुझ से प्यार करती है. हम दोनों विवाह भी करना चाहते हैं लेकिन समस्या यह है कि वह विवाहित है और उस की 1 बेटी भी है. हमें क्या करना चाहिए?

उस युवती के प्रति आप का प्यार, प्यार नहीं आकर्षण है. आप की उम्र अभी केवल 20 वर्ष है और वह युवती विवाहित और 1 बेटी की मां है. ऐसे में आप दोनों का विवाह कैसे हो सकता है? क्या वह युवती अपने पति से खुश नहीं है जो आप से विवाह करना चाहती है? इस उम्र में आप एक विवाहित युवती के प्यार में पड़ने की गलती कर रहे हैं जो आप को और उस के वैवाहिक जीवन को बरबादी की तरफ ले जा सकता है.

मैं रेलवे से रिटायर्ड हूं. अपनी 33 वर्षीय बेटी को ले कर बहुत परेशान हूं. जब वह 16 साल की थी तभी से शादी की जिद करती थी. काफी भागदौड़ के बाद 2005 में मैं ने उस की शादी कर दी. लेकिन ससुराल में वह स्वयं को स्थापित नहीं कर पाई और 3-4 बार ससुराल छोड़ कर चली आई जिस से उस की शादी 2009 में टूट गई. उस के इस व्यवहार पर जब उसे डाक्टर को दिखाया तो पता चला वह सिजोफ्रेनिया नामक बीमारी से ग्रस्त है. पिछले ढाई साल से उस का इलाज चल रहा है लेकिन कोई लाभ नहीं हो रहा. उस की एक 7 साल की बेटी भी है. इस बीच उस की जिद पर मैं ने जनवरी में उस की दूसरी शादी भी कर दी. लेकिन वहां भी वह 2 महीने से ज्यादा नहीं निभा पाई. आजकल वह मेरे साथ मेरे घर पर है. लेकिन अब वह मेरे साथ भी नहीं रहना चाहती. कहती है, मुझे कहीं भी किसी नारी निकेतन, आश्रम या सड़क पर छोड़ दो. क्या ऐसी कोई संस्था होगी जो उसे रख सके? मैं संस्था को 5 हजार रुपए प्रतिमाह तक भुगतान कर सकता हूं. मैं बहुत परेशान हूं. सलाह दीजिए.

सिजोफ्रेनिया एक मानसिक डिसऔर्डर है जिस में रोगी असामान्य व्यवहार करता है, हमेशा दूसरों के प्रति शंका का भाव रखता है और भ्रम में रहता है. आप ने अपनी बेटी की अभी तक की जो भी स्थिति बताई उस के आधार पर कोई भी आश्रम या संस्था उसे नहीं रखना चाहेगी क्योंकि उस का व्यवहार वहां रह रहे अन्य लोगों के लिए भी समस्या खड़ी कर सकता है. ऐसे में आप के पास सिर्फ एक ही उपाय बचता है कि आप  अपनी बेटी को अपने साथ ही रखें और उस की देखरेख स्वयं ही करें.