गुजरात में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी, राजनीतिक स्तर पर कई तरह के बदलाव तथा अर्थव्यवस्था के अच्छे संकेतों के बीच बौंबे स्टौक एक्सचेंज यानी बीएसई में उतारचढ़ाव के साथ सूचकांक 8 दिसंबर को 417.30 अंक यानी 1.27 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त पर रहा जबकि नैशनल स्टौक एक्सचेंज में भी अच्छा माहौल होने से निफ्टी 1.42 प्रतिशत की तेजी यानी 143.85 अंक की साप्ताहिक तेजी पर रहा.  उस से पहले के सप्ताह में बाजार में गिरावट रही लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक की समीक्षा में अर्थव्यवस्था के लिए सख्त रुख, निजी सर्वेक्षण आंकड़ों में देश के विनिर्माण क्षेत्र के 13 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंचने, सकल घरेलू उत्पाद के दूसरी तिमाही में मजबूत रहने जैसे आंकड़ों के कारण बाजार में कई दिनों की सुस्ती के बाद रौनक लौटी और बाजार तेजी पर बंद हुआ.

इस से पहले के सप्ताह के दौरान बिकवाली रहने और वैश्विक स्तर पर कमजोर संकेतों के कारण बाजार पर नकारात्मक असर रहा. अमेरिकी राष्ट्रपति के इसराईल की राजधानी के रूप में येरूशलम को मान्यता देने की घोषणा तथा अरब राष्ट्र, जरमनी, फ्रांस, ब्रिटेन सहित कई प्रमुख देशों द्वारा इस घोषणा से तनाव बढ़ने की आशंका जता कर नाराजगी व्यक्त करने का भी बाजार पर नकारात्मक प्रभाव रहा. इस से निवेशकों का उत्साह घटा और सूचकांक 33 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से बहुत नीचे चला गया लेकिन दिसंबर के पहले सप्ताह में अच्छे संकेतों ने बाजार को उत्साहित किया.