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बिटकौइन में ट्रेड करने वाले लोगों के लिए एक और नई क्रिप्टो करेंसी आ सकती है. दरअसल, सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक अपनी क्रिप्टोकरेंसी लाने की प्लानिंग कर रहा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक ने एक ब्लौकचेन डिविजन बनाया है, जिसे फेसबुक मैसेंजर के पूर्व हेड डेविड मार्कस लीड कर सकते हैं. डेविड मार्कस सीधे कंपनी के चीफ टेक्नीशियन औफिसर को रिपोर्ट करेंगे. हालांकि, इस ब्लौकचेन का क्या मकसद है अभी यह साफ नहीं किया गया है.

मार्कस ने किया फेसबुक पोस्ट

डेविड मार्कस ने अपने एक फेसबुक पोस्ट में यह जानकारी साझा की है. ऐसी अफवाहें भी हैं कि फेसबुक सीईओ मार्क जुकरबर्ग अपनी क्रिप्टोकरेंसी लाने की तैयारी में हैं. हालांकि, इस संबंध में थोड़ी ही जानकारी अभी दी गई है. अभी मार्कस की टीम इस पर काम कर रही है. फेसबुक क्रिप्टोकरेंसी की रिपोर्ट के बाद ‘द वर्ज’ को दिए गए एक बयान में फेसबुक ने कहा है, ‘दूसरी कंपनियों की तरह फेसबुक भी ब्लौकचेन टेक्नौलोजी में संभावनाएं तलाश कर रही है. इसके लिए एक छोटी टीम है जो इसे एक्सप्लोर कर रही है. फिलहाल हमारे पास इससे ज्यादा शेयर करने को कुछ नहीं है’

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ब्लौकचेन की टीम तैयार

मार्कस ने कहा ‘फेसबुक मैसेंजर के साथ करीब 4 बेहतरीन साल गुजारने के बाद मेरे यह निर्णय लिया है कि कुछ नई चुनौतियों को लिया जाए. मैनें एक छोटी टीम तैयार की है. फेसबुक के लिए हम ब्लौकचेन में क्या कर सकते हैं इसकी संभावनाएं तलाशेंगे.

क्रिप्टोकरेंसी से किसे फायदा?

रिपोर्ट के मुताबिक, डेविड मार्कस फेसबुक से पहले पे-पल का हिस्सा थे, जो दुनिया की बड़ी औनलाइन ट्रांजैक्शन कंपनियों में से एक है. दिसंबर 2017 में वो अमेरिकी क्रिप्टोकरेंसी एक्स्चेंज कौइनबेस के बोर्ड में भी शामिल हुए थे. सवाल ये है कि अगर फेसबुक क्रिप्टोकरेंसी लाती है तो इससे कंपनी और यूजर्स का क्या फायदा होगा और यह काम कैसे करेगा. आने वाले कुछ समय में ये साफ होगा.

क्या है ब्लौकचेन?

दरअसल, ब्लौकचेन टेक्नोलोजी एक तरह की ट्रांजैक्शन लिस्ट का रिकौर्ड है (डिजिटल लेजर) जिसे क्रिप्टोग्राफी से लिंक और सिक्योर किया जाता है. हर ब्लौक में एक हैश प्वौइंटर होता है, जो इसे दूसरे ब्लौक से जोड़ता है. यह टेक्नोलोजी दो लोगों के बीच हुए ट्रांजैक्शन को रिकौर्ड कर सकता है. इसमें रिकौर्ड की जानकारियां कौपी नहीं की जा सकती हैं. यह डेटाबेस क्लाउड पे होते हैं ताकि इसमें ना कोई छेड़छाड़ कर सके और न ही स्पेस की कमी हो. आसान शब्दों में कहा जाए तो ब्लौकचेन एक टेक्नोलौजी है, जिससे Bitcoin का भी कारोबार चलता है.

कौइन जैसा औफर नहीं

सूत्रों के मुताबिक, फेसबुक के पास फिलहाल क्वौइन जैसा कुछ औफर करने का प्लान नहीं है. गौरतलब है कि ब्लौकचेन की टीम नए प्लेटफौर्म और इंफ्रा के तहत काम करेगी, जिसकी जिम्मेदारी कंपनी के चीफ टेक्नोलोजी औफिसर माइक शोरोफर को दी गई है. फिलहाल, माइक फेसबुक के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वर्चुअल रियलिटी डिपार्टमेंट संभाल रहे हैं.

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