आपके पत्र हमेशा स्पेशल होते हैं, इसलिए सरिता में सबसे आगे जगह देते हैं, लिखते रहें. सरिता दिसंबर फर्स्ट इश्यू में हर बार की तरह चुनिंदा पत्र, भारत में गोद लेने की सरकारी प्रक्रिया इतनी उलझाऊ है कि निसंतान कपल जल्दी बच्चा पाने के लिए अवैध तरीका अपनाते हैं, वरिष्ठ लेखिका नसीम अंसारी कोचर का लेख गोद कानून की पेचीदगियों से पर्दा उठाता है, महीने की शुरुआत में श्रीमतीजी एक अभियान पर निकल गई हैं, पर क्यों, पढ़ने के बाद ही पता चलेगा, बिहार में साफ नजर आ रहा है कि किस तरह समाजवाद, सत्तावाद की बलि चढ़ गया है, समझें ऐसा क्यों हुआ. लालकिला के पास हुए आतंकी हमले ने कई सवाल खड़े किए है जैसे टनों विस्फोटक और हथियार आतंकी डॉक्टर्स के पास कैसे पहुंचे, आखिर जामामस्जिद और लालकिले के आसपास की जगह जहां मुस्लमान काफी संख्या में होते हैं, उसे विस्फोट के लिए क्यों चुना गया, मोदी सरकार आज तक जवाब नहीं दे पाई है, सरिता ने ऐसे सवालों की तह में जाने की कोशिश की है. दान के धन पर सिर्फ ब्राह्मणों का हक? क्या मंदिरों में दिए जाने वाले दान को सरकार की ओर से विकास के काम पर खर्च करना गलत है ? पढ़ें सीनियर जर्नलिस्ट भारत भूषण की विश्लेष्णात्मक रिपोर्ट और अपनी राय लिखें, सरिता पर इस समय 25 प्रतिशत का डिस्काउंट चल रहा है, सब्सक्रिप्शन लेने के लिए बस कॉल करे. शेख हसीना को बांग्लादेश में फांसी की सजा सुनाई गई है, भारत अपने पाले में आए इस गेंद को किस तरह खेलती है वक्त बताएगा. आप भी टू या थ्री बीएचके से बोर होने के बाद अपना बड़ा मकान लेना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए हैं, औरतों के जिस्म पर मर्दों की मरजी समेत ढेरों सोचपरक लेख के लिए पढ़ें , यह इश्यू





