अभी तक सिर्फ अमेरिका द्वारा तालिबान के सफाए के लिए ही ड्रोन का नाम सुना गया था पर अब विदेश ही नहीं, हमारे देश में भी कई कार्यों में इस छोटे से हैलिकौप्टरनुमा यंत्र की सहायता ली जा रही है. ड्रोन का एक और बेहतरीन इस्तेमाल पिछले दिनों महाराष्ट्र में तब देखने को मिला जब सूखा राहत के लिए सूखे का सर्वेक्षण कराने का जिम्मा राज्य सरकार ने ड्रोन्स के हवाले किया. राज्य के उस्मानाबाद जिले में 2 ड्रोन्स की मदद से सरकार ने यह काम किया और उन के जुटाए आंकड़ों के आधार पर ही किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे का निर्धारण किया गया.
अब फ्रैंच सैंटर औफ एटमौसफेयर रिसर्च सैंटर वायुमंडल में मौजूद नमी, आद्रता और तापमान की जानकारी के लिए ड्रोन का उपयोग कर रहा है. ड्रोन के साथ मौसम के ताप दाब का अध्ययन करने वाले कई उपकरणों को बांध कर आसपास के मौसम की गणना की जा रही है. इस से सटीक जानकारियां भी मिल रही हैं. अभी तक हम सिर्फ उपग्रहीय जानकारी पर ही सीमित थे. मौसम की और अधिक जानकारी हासिल करने में ड्रोन का ऐसा प्रयोग निश्चित ही लाभकारी होगा.
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