शांत वसुधा, शांत, तुम्हें तो मेरे दिमाग की दाद देनी चाहिए. आनंद के मरने के बाद करण भी तो आधी दौलत का हिस्सेदार रहेगा और फिर बारबार तुम्हें तुम्हारे अतीत की याद दिलाता रहेगा.’
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