0:00
12:24

Romantic Story : जुलाई का महीना है. सुबह की सैर  से वापस आ कर मैं ने कपड़े  बदले. छाता होने के बाद भी कपड़े कुछ तो भीग ही जाते हैं. चाय का अपना कप ले कर मैं बालकनी में आ कर चेयर पर बैठ गई और सुबहसुबह नीचे खेल रही छोटी बच्चियों पर नजर डाली. मन में स्नेह की एक लहर सी उठी. बहुत अच्छी लगती हैं मुझे हंसतीखेलती छोटीछोटी बच्चियां. जब भी इन्हें देखती हूं, दिल चाहता है सब छोड़ कर नीचे उतर जाऊं और इन बच्चियों के खेल में शामिल हो जाऊं, पर जानती हूं यह संभव नहीं है.

इस उम्र में बारिश में भीगते हुए छोटी बच्चियों के साथ पानी में छपाकछपाक करते हुए सड़क पर कूदूंगी तो हर कोई मुझे पागल समझेगा, कहेगा, इस उम्र में बचपना दिखा रही है, खुद को बच्ची समझ रही है. अब अपने मन में छिपे बच्चे के बचपन की इस कसक को दिखा तो सकती नहीं, मन मार कर बच्चियों को खेलते देखते रह जाती हूं. कितने सुहाने लगते हैं इन के खेल, कितने भरोसे के साथ हाथ पकड़ते हैं ये एकदूसरे का लेकिन बड़े होने पर न तो वे खेल रहते हैं न खिलखिलाहट, न वैसा विश्वास और साथ, कहां चला जाता है यह सब?

अभी सैर पर थी तो पार्क में कुछ युवा जोड़े एकदूसरे में खोए बैठे थे. मुंबई में जगह की कमी शायद सब से ज्यादा इन्हीं जोड़ों को खलती है. सुबहसुबह भी लाइन से बैठे रहते हैं. बराबर वाला जोड़ा क्या कर रहा है, इस की चिंता उन्हें नहीं होती. हां, देखने वाले अपने मन में, कितने बेशर्म हैं ये युवा, सोचते कुढ़ते हुए अपनी सैर पूरी करते हैं, लोगों का ध्यान अकसर उन्हीं पर होता है लेकिन वे जोड़े किसी की चिंता में अपना समय खराब नहीं करते. सैर की मेरी साथी भी जब अकसर उन्हें कोस रही होती है, मैं मन ही मन सोच रही होती हूं कि आह, यह उम्र क्यों चली गई, मीठेमीठे सपनों, सुंदर एहसासों की उम्र, अब क्यों हम अपनी जिम्मेदारियों में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि यह सबकुछ बेमानी हो जाता है.

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

25% की बचत

डिजिटल

USD99 USD49 /Year
सब्सक्राइब करें
फायदे ▼
  • सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
  • देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
  • 7000 से ज्यादा कहानियां
  • समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
Best Value - 26% की बचत

24 प्रिंट मैगजीन + फ्री डिजिटल

USD200 USD149 /Year
सब्सक्राइब करें
फायदे ▼
  • 24 प्रिंट मैगजीन + डिजिटल एक्सेस + ऐप
  • सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
  • देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
  • 7000 से ज्यादा कहानियां
  • समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...