तनहाई में मिलनामिलाना
अजब सी बात हो गई
हम को पता न चला
दिन कब रात हो गई
इक चेहरा तेरा उस पर
गजब की कशिश
आंखों की आंखों से
होंठों की होंठों से बात हो गई
हुई जब से मुहब्बत खुद पर
नाज करते हैं हम
ऐसा लगता है जैसे बांहों में
कायनात हो गई
तेरे रूप के उजाले से
दिन निकलता है अंगड़ाई के साथ
गेसुओं को इस तरह झटका तुम ने
कि रात हो गई
मेरी आरजू को इस तरह
गुदगुदाया है तुम ने
अरमान जाग उठे दिल में
रिमझिम बरसात हो गई.
- वीना कपूर
आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
डिजिटल
(1 साल)
USD99USD49
सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
- देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
- 7000 से ज्यादा कहानियां
- समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन
(1 साल)
USD150USD129
सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
- देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
- 7000 से ज्यादा कहानियां
- समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
- 24 प्रिंट मैगजीन
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...
सरिता से और





