अपने साथ काम करने वाली किसी भी लड़की से गौतम औपचारिक बातचीत से ज्यादा ताल्लुकात नहीं बढ़ाता था. एक रोज एक रिपोर्ट बनाने के लिए उसे और श्रेया को औफिस बंद होने के बाद भी रुकना पड़ा और जातेजाते बौस ने ताकीद कर दी, ‘‘श्रेया को घर जाने में कुछ परेशानी हो तो देख लेना, गौतम.’’

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