‘‘मैं अब और इस घर में नहीं रह सकती. रोजरोज के झगड़े भी अब बरदाश्त के बाहर हैं. मैं रक्षा को ले कर अपनी मां के पास जा रही हूं. आप ज्यादा पैसा कमाने की कोशिश करें और जब कमाने लगें, तब मुझे बुला लेना,’’ पत्नी सुनीता का यह रूप देख कर नरेश सहम गया.

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