‘‘किसे बारबार फोन कर रहे हो मोहित, कोई परेशानी है?’’

‘‘कब से फोन कर रहा हूं मां को, उठा ही नहीं रही हैं.’’

‘‘तो पापा को लगाओ न.’’

‘‘वे भी कहां उठा रहे हैं. कैसे हैं ये लोग, उफ्फ.’’

‘‘हो सकता है दोनों कहीं बाहर घूमने या फिर किसी काम से निकले होंगे और शोरगुल में फोन की आवाज सुन नहीं पा रहे होंगे. आप चिंता मत कीजिए, मिस्ड कौल देखेंगे तो खुद ही फोन करेंगे.’’

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