भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी का नाम देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान यानी पद्म भूषण पुरस्कार के लिए भेजा है. वैसे खेल मंत्रालय ने बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी पी वी सिंधु के नाम की भी सिफारिश की है.

महेंद्र सिंह धौनी की कप्तानी में टीम ने 2 विश्वकप जीते हैं जिन में 2007 में टी-20 विश्वकप और 2011 का एकदिवसीय विश्वकप शामिल हैं.

एक वक्त ऐसा भी था जब धौनी की किरकिरी हो रही थी और कहा जा रहा था कि धौनी को रिटायर हो जाना चाहिए. इस में पूर्व क्रिकेटर और अंडर 19 क्रिकेट टीम के कोच राहुल द्रविड़ भी शामिल थे. पर समयसमय पर धौनी अपनी सूझबूझ व बल्ले के कमाल से आलोचकों का मुंह बंद करते रहे.

श्रीलंका दौरे के समय धौनी पर दबाव भी था कि यदि वे सही परफौर्मेंस नहीं देते हैं तो अगले विश्वकप में उन का खेलना संदिग्ध था पर धौनी ने श्रीलंका के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच में भुवनेश्वर कुमार के साथ रिकौर्ड साझेदारी से टीम को जीत दिलाई. श्रीलंका के खिलाफ 5 एकदिवसीय मैचों में 4 पारियों में वे नौटआउट रहे. आस्टे्रलिया के खिलाफ भी उन का प्रदर्शन अच्छा रहा. कप्तान विराट कोहली भी मैदान में धौनी से सलाहमशवरा करते नजर आते हैं.

सिर्फ बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि वे विकेटकीपर भी अच्छे हैं. वे स्टंपिंग कर अच्छेअच्छे बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखा चुके हैं. उन का इन आउट करने का कौशल भी गजब का है.

36 वर्षीय धौनी के नाम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 16 शतक, जिन में एकदिवसीय मैचों में 10 और टैस्ट मैचों में 6 शतक शामिल हैं. उन्होंने 302 एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैचों में 9,737 रन बनाए हैं जबकि 90 टैस्ट मैचों में 4,876 रन उन की झोली में हैं.

कप्तानी छोड़ने के बाद धौनी ने जिस तरह से अपनी परफौर्मैंस दिखाई है उस से नहीं लगता कि वे कहीं से भी अनफिट हैं. वे अगले विश्वकप में खेलने के लिए बिलकुल फिट हैं और अपने बल्ले से रन बटोरने में भी माहिर हैं. हां, यदि वे खेल संघों की राजनीति के शिकार हो जाएं तो अलग बात है.

COMMENT