डॉ श्वेता शर्मा, कंसल्टेंट क्लिनिकल सायकोलोजिस्ट, कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल, पालम विहार का कहना है कि, लॉकडाउन के बाद से हर 10 में से 7 मरीज़ों ने कहा है कि उन्होंने लॉकडाउन में आत्महत्या करने के विचारों को महसूस किया है. प्री-लॉकडाउन समय के बाद से ऐसे केसेस में बहुत ही साफ़ और तेजी से वृद्धि देखी गयी है.

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