लोकसभा में अगर द मैरिज (कंपल्सरी रजिस्ट्रेशन ऐंड प्रिवैंशन औफ वैस्टफुल एक्सपैंडीचर) विधेयक 2016 पारित हो पाया तो नोटबंदी के बाद अब आम लोगों को नई परेशानियां झेलनी होंगी. बड़े जोशोखरोश से इस विधेयक का मसौदा कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन यादव ने तैयार किया है.

यह मसौदा दिलचस्प भी है और चिंतनीय भी. इस मसौदे से जाहिर होता है कि सस्ती वाहवाही लूटने के चक्कर में हमारे माननीय एकदूसरे से पिछड़ना नहीं चाहते. वे इस बाबत कानून के ऐसेऐसे खाके खींच रहे हैं जिन्हें देख सिर पीट लेने की इच्छा होने लगती है कि कानून आखिर न्याय के लिए हैं या आम लोगों की रोजमर्राई जिंदगी दुश्वार बनाने के लिए. रंजीत रंजन का उत्साह बेवजह नहीं है. दरअसल, नोटबंदी की मार और परेशानियों को आम लोगों ने सब्र से झेल लिया है तो अब हर नेता अपने दिमाग के घोड़े दौड़ा कर जता रहा है कि समाज और देश के लिए क्या अच्छा होगा.

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