‘अगर 2 बालिगों के बीच सहमति से संबंध बनते हैं तो इसे अपराध नहीं कहा जा सकता.’ सुप्रीम कोर्ट की बीती 11 जुलाई की यह टिप्पणी लाखों एलजीबीटी यानी लैस्बियन, गे, बाई सैक्सुअल और ट्रांसजैंडर्स को राहत देने वाली थी. हालांकि लंबी सुनवाई के बाद भी यह अभी पूरी तरह तय नहीं हो पाया है कि समलैंगिकता अब अपराध नहीं है.

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